सऊदी अरब: रियाद ढांचों को निशाना बना मिसाइल और ड्रोन हमलों ने गहरी सुरक्षा चिंताएं पैदा कर दीं
सऊदी एयर डिफेंस द्वारा इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों का मलबा आवासीय क्षेत्रों में गिरने से कई नागरिक घायल
पूर्वी प्रांत के दाहरान तेल कंपनी सऊदी अरामको के प्रशासनिक भवन और मुख्यालय को भी बनाया निशाना
ताजा तनाव तब जब यमन सरकार ने ईरान से लौट रहे विमान को सना एयरपोर्ट पर उतरने से रोक दिया था
रियाद: 15 अक्टूबर 2026
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव के बीच यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद और उसके प्रमुख बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर किए गए भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों ने पूरे क्षेत्र में गहरी सुरक्षा चिंताएं पैदा कर दी हैं।
इस ताजा और गंभीर टकराव के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. रियाद एयरपोर्ट और नागरिक ठिकानों पर घातक हमला और हताहत: हूती विद्रोहियों ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (King Khalid International Airport) को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया। शनिवार (10 अक्टूबर) को हुए एक घातक हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। इसके बाद भी रियाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर लगातार हमले किए गए हैं।
रिहायशी इलाकों में नुकसान: सऊदी एयर डिफेंस द्वारा इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों का मलबा रियाद के आवासीय क्षेत्रों में गिरने से कई नागरिक घायल हुए हैं और कम से कम 15 घरों को नुकसान पहुंचा है।
2. सऊदी अरामको और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया: हूतियों ने पूर्वी प्रांत के दाहरान (Dhahran) में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के प्रशासनिक भवन और मुख्यालय को भी निशाना बनाया, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई।
इसके अलावा अल-खर्ज और हराध जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी क्रूज मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं।
3. सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई: हमलों के जवाब में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यमन की राजधानी सना (Sanaa) में हूती ठिकानों, यमन ऑयल कंपनी के स्टेशनों और हथियार डिपो पर भारी हवाई हमले (Airstrikes) किए हैं।
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई सऊदी कैबिनेट की बैठक में हूतियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है।
4. सुरक्षा चिंताएं और वैश्विक प्रभावहवाई सेवाएं प्रभावित: रियाद में लगातार बढ़ते सुरक्षा खतरों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं या उनके रूट डायवर्ट किए हैं।
वीआईपी सुरक्षा: हमलों के बाद सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुरक्षा को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है। सऊदी अरब के पास इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी ने उसके शाही महलों और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित वैश्विक नेताओं ने इस संघर्ष पर चिंता जताई है, क्योंकि हूतियों ने रेड सी (लाल सागर) और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से होकर जाने वाले सऊदी तेल के जहाजों की नाकेबंदी करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक ईंधन संकट गहरा सकता है।
5. संघर्ष अचानक बढ़ने का कारण
यह ताजा तनाव तब भड़का जब कुछ समय पहले यमन सरकार ने ईरान से लौट रहे हूती प्रतिनिधिमंडल के विमान को सना एयरपोर्ट पर उतरने से रोक दिया था और रनवे को निशाना बनाया था। इसके बाद हूतियों ने सऊदी अरब पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाते हुए बदला लेने के लिए उसके हवाई अड्डों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।




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