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भारतीय पहलवान विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत (सिल्वर) पदक जीतकर रच दिया इतिहास



अंडर‑23 विश्व चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाले भारत के एकमात्र ग्रीको‑रोमन पहलवान
 फाइनल मुकाबलाफाइनल में मोरे को जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे से 12–13 के बेहद करीबी अंतर से  मिली हार
गोल्ड से चूकने के बावजूद यह भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि रही।
WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने इसे “अमेरिकी दूतावास की गलती” बताया: इससे भारत संभावित गोल्ड से चूक गया

कानपुर: 15 अक्टूबर 2026
लास वेगास (अमेरिका): 15 अक्टूबर 2026
भारतीय पहलवान विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत (सिल्वर) पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस वैश्विक प्रतियोगिता के ग्रीको-रोमन (Greco-Roman) वर्ग के फाइनल में पहुंचने वाले और रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए हैं। 
विश्वजीत रामचंद्र मोरे अंडर‑23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के ग्रीको‑रोमन वर्ग में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बनकर इतिहास रच चुके हैं।
मुख्य तथ्य (सीधे उत्तर):मोरे ने 55 किग्रा ग्रीको‑रोमन वर्ग में सिल्वर जीता, जो भारत का इस श्रेणी में पहला रजत पदक है
वह अंडर‑23 विश्व चैंपियनशिप में दो पदक जीतने वाले भारत के एकमात्र ग्रीको‑रोमन पहलवान भी हैं
फाइनल तक मोरे का सफर
मोरे ने लगातार तीन कठिन मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाई:मैक्सिको के इसाक मारिन माटा को 10–8 से हराया
ईरान के अंडर‑20 विश्व चैंपियन आर्मिन शम्सीपुर को 8–1 से मात दी
सेमीफाइनल में रूस के मलिक गिगिएव को 6–4 से हराया
फाइनल मुकाबला फाइनल में मोरे को जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे से 12–13 के बेहद करीबी अंतर से हार मिली
गोल्ड से चूकने के बावजूद यह भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि रही।
यह उपलब्धि क्यों ऐतिहासिक हैभारत ने अंडर‑23 विश्व चैंपियनशिप के ग्रीको‑रोमन वर्ग में पहली बार सिल्वर मेडल जीता
मोरे इस प्रतियोगिता में फाइनल में पहुँचने वाले पहले भारतीय ग्रीको‑रोमन पहलवान भी बने
वीज़ा विवाद का प्रभाववेब परिणामों के अनुसार, भारत के 9 पहलवानों को यूएस वीज़ा नहीं मिला, जिससे भारत के पदक अवसर प्रभावित हुए
WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने इसे “अमेरिकी दूतावास की गलती” बताया और कहा कि इससे भारत संभावित गोल्ड से चूक गया
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