घटना के दौरान झूले में करीब 25 से 30 लोग थे सवार
हादसे के तुरंत बाद झूला संचालक (सत्यप्रकाश उर्फ छोटे) मौके से निकला भाग
जिला प्रशासन, PWD, दमकल विभाग और केस्को से प्राप्त एनओसी और अनुमति के दस्तावेज हैं।
अस्थायी मेलों में झूलों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों के नियमित निरीक्षण पर गंभीर सवालकानपुर: 24 अक्टूबर 2026
कानपुर के अरमापुर दशहरा मेला मैदान में एक बड़ा हादसा होने से टल गया, जहां एक 'जीरो ग्रेविटी' झूला चलते-समय अचानक फाउंडेशन टूटने के कारण एक तरफ पलट गया। इस घटना के दौरान झूले में करीब 25 से 30 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर बच्चे और परिवार के लोग शामिल थे। गनीमत रही कि झूले की रफ्तार कम थी, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, हालांकि अचानक लगे झटके और गिरने से कुछ लोगों को मामूली चोटें (जैसे पैर में मोच या खरोंच) आई हैं।
पुलिस जांच के अनुसार, इस घटना से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:हादसे का कारण: प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि झूले का बेस/फाउंडेशन उखड़ जाने की वजह से पूरा ढांचा एक तरफ झुक गया, जिससे झूले पर सवार लोग एक तरफ गिर गए।
तुरंत रेस्क्यू: झूला झुकते ही मेले में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। मौके पर तैनात अरमापुर थाना पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली सप्लाई बंद करवाई और झूले पर फंसे बच्चों व अन्य लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा।
संचालक फरार: हादसे के तुरंत बाद झूला संचालक (सत्यप्रकाश उर्फ छोटे) मौके से भाग निकला। हालांकि, उसके सहयोगियों द्वारा जिला प्रशासन, PWD, दमकल विभाग और केस्को (KESCO) से प्राप्त एनओसी (NOC) और अनुमति के दस्तावेज पुलिस को दिखाए गए हैं।
सुरक्षा पर सवाल और जांच: अनुमति होने के बावजूद इस तरह का हादसा होने से अस्थायी मेलों में झूलों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों के नियमित निरीक्षण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) के निर्देश पर अपर पुलिस उपायुक्त योगेश कुमार को इस घटना की विस्तृत तकनीकी जांच सौंपी गई है।




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