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श्री राम जन्मभूमि मंदिर को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा आधिकारिक तौर पर ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ सर्टिफिकेट जारी

भोग और श्रद्धालुओं को वितरित किए जाने वाले  उच्च गुणवत्ता, स्वच्छता और शुद्धता पर राष्ट्रीय नियामक की मुहर 
मंदिर को जारी किया गया यह खास सर्टिफिकेट अगले दो वर्षों के लिए मान्य रहेगा। 
खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े मूल्यांकन में मंदिर को कुल 114 अंकों में  103 अंक प्राप्त: 'अतिविशिष्ट श्रेणी' 
 कानपुर: 11 अक्टूबर 2026
अयोध्या: 11 अक्टूबर 2026
अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा आधिकारिक तौर पर ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ (BHOG) सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। इस मान्यता के बाद रामलला को लगाए जाने वाले भोग और श्रद्धालुओं को वितरित किए जाने वाले प्रसाद की उच्च गुणवत्ता, स्वच्छता और शुद्धता पर राष्ट्रीय नियामक की मुहर लग गई है।
ऐतिहासिक उपलब्धि से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
महत्वपूर्ण बिंदु और मूल्यांकन स्कोरसर्टिफिकेट का वितरण: FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री रजित पुन्हानी ने अपनी टीम के साथ अयोध्या का दौरा कर एक विशेष समारोह के दौरान यह प्रमाणपत्र सौंपा। 
शानदार स्कोर: खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े मूल्यांकन में मंदिर को कुल 114 अंकों में से 103 अंक प्राप्त हुए हैं, जिसके आधार पर इसे 'अतिविशिष्ट श्रेणी' में जगह मिली है। 
वैधता अवधि: मंदिर को जारी किया गया यह खास सर्टिफिकेट अगले दो वर्षों के लिए मान्य रहेगा। 
 प्रमाणन की प्रक्रिया कैसे तय की गई?
प्रमाणन देने से पहले FSSAI द्वारा चार प्रमुख चरणों के तहत गहन ऑडिट किया गया: 
रसोई और भंडारण की जांच: प्रसाद तैयार करने वाली मुख्य रसोई और खाद्य सामग्री के भंडारण (Storage) की स्थिति का बारीकी से आकलन किया गया।
सफाई और पानी की गुणवत्ता: भोजन संभालने की प्रक्रिया, परिसर की साफ-सफाई और इस्तेमाल होने वाले पानी के मानकों को परखा गया।
विशेष प्रशिक्षण: मंदिर परिसर के सभी खाद्य संचालकों (Food Handlers) को स्वच्छता और सुरक्षा के नियमों को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 
थर्ड-पार्टी ऑडिट: शुरुआती जांच के बाद स्वतंत्र तृतीय-पक्ष एजेंसियों के माध्यम से फाइनल ऑडिट कराया गया। 
'ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप' पहल क्या है?
यह FSSAI के राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश भर के बड़े धार्मिक स्थलों (जैसे मंदिर, गुरुद्वारे, मस्जिद) पर तैयार होने वाले लंगर, प्रसाद और अन्य खाद्य पदार्थों में शुद्धता और जन-स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा देना है। राम मंदिर को यह मान्यता मिलने से देश के अन्य धार्मिक संस्थानों को भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े मानकों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। 

मुख्य विवरणमहत्वपूर्ण जानकारी
प्रमाणन का नामईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप - भोग (BHOG)
जारीकर्ता संस्थाभारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI)
प्राप्त अंक103 / 114 (अतिविशिष्ट श्रेणी)
प्रमाणपत्र की वैधता2 वर्ष
मुख्य उद्देश्यश्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की शुद्धता, स्वच्छता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना

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