“दीपोत्सव सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान"
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई अभियान
लाखों दीप जलाने की महत्वाकांक्षी योजना पर विशेष ध्यान
सरयू नदी के घाटों, राम मंदिर परिसर और शहर के प्रमुख मार्गों पर दीपों की सजावट का काम तेजी से
विश्व के सबसे भव्य दीपोत्सव का गवाह बनने जा रही है।
अयोध्या: 18 अक्टूबर 2026
अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां अब पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। शहर को दिव्य और भव्य रूप देने के लिए प्रशासन और स्थानीय संगठनों द्वारा बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।
लाखों दीप जलाने की महत्वाकांक्षी योजना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि रामनगरी एक बार फिर रोशनी से जगमगा उठे।
सरयू नदी के घाटों, राम मंदिर परिसर के आसपास और शहर के प्रमुख मार्गों पर दीपों की सजावट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में दीप जलाए जाने की तैयारी है। घाटों पर मिट्टी के दीयों की व्यवस्था, एलईडी लाइटिंग और पारंपरिक दीपों का संयोजन किया जा रहा है ताकि पूरा क्षेत्र स्वर्णिम आभा से दमक उठे।शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपात सेवाओं को लेकर लगातार बैठकें कर रही हैं।
स्थानीय व्यापारियों और स्वयंसेवी संगठनों ने भी तैयारी में सक्रिय भूमिका निभाई है। दीप बनाने वाले कारीगरों को अतिरिक्त ऑर्डर दिए गए हैं, जबकि महिलाओं के स्वयं सहायता समूह मिट्टी के दीये बनाने में जुटे हुए हैं।
अयोध्या प्रशासन ने बताया, “दीपोत्सव सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान है। हम पूरी तैयारी के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। लाखों दीपों से जगमगाती अयोध्या का नजारा इस बार और भी भव्य होगा।”
दीपोत्सव के दौरान रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और भव्य आतिशबाजी का भी आयोजन प्रस्तावित है। पूरे देश और विदेश से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचने वाले हैं, इसलिए होटल, धर्मशालाएं और यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रही है।
अयोध्या फिर विश्व के सबसे भव्य दीपोत्सव का गवाह बनने जा रही है। तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और शहर रोशनी के महापर्व का इंतजार कर रहा है।
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