"बांग्लादेश ने क्रांति का रास्ता दिखाया" भारत के 'जेन-जी' आंदोलन को बांग्लादेश छात्रो के आंदोलन से प्रेरित
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा हमला बोला
लेफ्ट छात्र संगठन आइसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को"पोस्टर गर्ल" का तमगा
कानपुर: 16 अक्टूबर 2026
नई दिल्ली: 16 अक्टूबर 2026
लेफ्ट छात्र संगठन आइसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के एक वीडियो संदेश को लेकर भारतीय राजनीति में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह वीडियो संदेश उन्होंने बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट (SSF) के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए जारी किया था।
विवाद का मुख्य कारण
नेहा बोरा का बयान:
अपने संदेश में नेहा बोरा ने बांग्लादेश के 2024 के छात्र आंदोलन की सराहना करते हुए कहा, "बांग्लादेश ने हमें क्रांति का रास्ता दिखाया है।" उन्होंने भारत के 'जेन-जी' (Gen-Z) आंदोलन को बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से प्रेरित बताया।
धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ाई: नेहा बोरा ने कहा कि बांग्लादेश के युवा अपने देश में धार्मिक कट्टरपंथ और दमनकारी व्यवस्था के खिलाफ जो लड़ाई लड़ रहे हैं, भारत के युवा भी लोकतांत्रिक और मतदान अधिकारों के लिए वैसी ही लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के युवाओं के संघर्ष को आपस में जोड़ते हुए एकजुटता जताई।
बीजेपी (BJP) का पलटवार और आरोप
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा हमला बोला:"पोस्टर गर्ल" का तमगा: बीजेपी ने नेहा बोरा को राहुल गांधी की "पोस्टर गर्ल" करार दिया। हाल ही में दिल्ली में हुए विपक्षी गठबंधन (INDIA bloc) के प्रदर्शनों और मार्च में नेहा बोरा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ अग्रिम पंक्ति में नजर आई थीं।
'रिजीम चेंज' (सत्ता परिवर्तन) की साजिश: बीजेपी ने इसे राष्ट्रविरोधी और लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि यह बयान भारत में "अलोकतांत्रिक तरीके से सत्ता परिवर्तन (रिजीम चेंज)" और अराजकता फैलाने की खुली स्वीकारोक्ति है। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक चुनावों में विफल होने के बाद अब सड़कों पर भीड़तंत्र के जरिए बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं।
कांग्रेस और विपक्ष की प्रतिक्रिया: विपक्ष और कांग्रेस नेताओं (जैसे राशिद अल्वी) ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है।
उनका कहना है कि बीजेपी युवाओं और प्रदर्शनकारियों की आवाज को दबाने के लिए लोकतंत्र का नाम ले रही है और असल राजनीतिक विरोध व मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इन बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।
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