तारिक रहमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष
कानपुर: फ़रवरी 16, 2026
नई दिल्ली: फ़रवरी 16, 2026
बांग्लादेश ने तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत को आमंत्रित किया है, जो कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष हैं। यह आमंत्रण भारत और बांग्लादेश के बीच नए संबंधों की संभावनाओं को संकेत करता है, खासकर जब मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास आई थी.
तारिक रहमान का शपथ ग्रहण समारोह 17 फरवरी 2026 को ढाका में होगा, जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिसरी करेंगे. यह समारोह बांग्लादेश में राजनीतिक परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण क्षण के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि बीएनपी ने हाल के आम चुनावों में 300 में से 212 सीटें जीती हैं.
भारत ने इस नए राजनीतिक परिदृश्य को सकारात्मक रूप से लिया है और तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश की अगली सरकार के साथ सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता का प्रयास है. भारत इस समारोह को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने का एक अवसर मानता है, विशेष रूप से व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के संदर्भ में.
उपस्थित लोगों में, भारत का पहचान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और यह भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है.
भारत ने शपथ ग्रहण समारोह में न जाने का निर्णय लेते हुए इस बात का ध्यान रखा कि वे पहले से निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, जैसे कि फ्रांस के राष्ट्रपति की मुंबई यात्रा.
यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल बांग्लादेश के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना है, बल्कि भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक नए दौर की शुरुआत का प्रतीक भी है।
नई दिल्ली: फ़रवरी 16, 2026
बांग्लादेश ने तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत को आमंत्रित किया है, जो कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष हैं। यह आमंत्रण भारत और बांग्लादेश के बीच नए संबंधों की संभावनाओं को संकेत करता है, खासकर जब मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास आई थी.
तारिक रहमान का शपथ ग्रहण समारोह 17 फरवरी 2026 को ढाका में होगा, जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिसरी करेंगे. यह समारोह बांग्लादेश में राजनीतिक परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण क्षण के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि बीएनपी ने हाल के आम चुनावों में 300 में से 212 सीटें जीती हैं.
भारत ने इस नए राजनीतिक परिदृश्य को सकारात्मक रूप से लिया है और तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश की अगली सरकार के साथ सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता का प्रयास है. भारत इस समारोह को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने का एक अवसर मानता है, विशेष रूप से व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के संदर्भ में.
उपस्थित लोगों में, भारत का पहचान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और यह भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है.
भारत ने शपथ ग्रहण समारोह में न जाने का निर्णय लेते हुए इस बात का ध्यान रखा कि वे पहले से निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, जैसे कि फ्रांस के राष्ट्रपति की मुंबई यात्रा.
यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल बांग्लादेश के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना है, बल्कि भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक नए दौर की शुरुआत का प्रतीक भी है।




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