वसूली और प्रताड़ित किए जाने की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर ने कार्रवाई के निर्देश
कर्वी मंदिर श्री बलदेव जी महाराज ट्रस्ट और उसके ट्रस्टियों पर झूठे आरोप: यह लोग अनजान
जान से मारने की धमकी देकर हर माह एक लाख की रंगदारी देने को कहा गयाकानपुर: 7 जुलाई 2026
शरदपत सिंहानिया ने भतीजे प्रणवपत संग बिल्डर और कट्टा गुरु पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। वसूली और प्रताड़ित किए जाने की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
सिंहानिया परिवार में संपत्ति विवाद गहराता जा रहा है। शनिवार को श्री बलदेव जी महाराज ट्रस्ट ऑफ कर्वी मंदिर के प्रबंध न्यासी कालपी रोड, फजलगंज निवासी बुजुर्ग शरदपत सिंहानिया ने फजलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने भतीजे प्रणवपत सिंहानिया, बिल्डर अनूप अस्थाना, सुयश अस्थाना, बिजेंद्र नाथ मिश्रा और नरेश चंद्र त्रिपाठी उर्फ कट्टा गुरु समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया है।
आरोप है कि उन पर संपत्ति नाम करने का दबाव बना कर उनके घर और ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ कर पीटा गया। साथ ही जान से मारने की धमकी देकर हर माह एक लाख की रंगदारी देने को कहा गया। शरदपत सिंहानिया के पिता हेमंतपत सिंहानिया का सितंबर 2020 में निधन हो गया था। वह अपने पीछे काफी चल-अचल संपत्ति छोड़ गए हैं। संपत्ति को लेकर परिवार में झगड़े हो रहे हैं। शरदपत के अनुसार, इसी का फायदा उठाते हुए उनके भतीजे प्रणवपत सिंहानिया ने सुयश अस्थाना और अनूप अस्थाना के साथ मिलकर उनके खिलाफ केस कराए।प्रणव और सुयश के बीच जनवरी 2022 में एक करार हुआ था। इसमें पुश्तैनी संपत्ति में 12 फीसदी हिस्सा देने का वादा किया गया था। इसके बाद आरोपी पक्ष उनके परिवार से रुपये और प्रापर्टी जब्त करने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि जून 2024 को प्रणव और सुयश ने कोपरगंज की एक संपत्ति का सेल एग्रीमेंट किया है। तीन जून 2026 को बिजेंद्र नाथ मिश्रा, नरेश चंद्र त्रिपाठी और कुछ लोगों ने कर्वी मंदिर के श्री बलदेव जी महाराज ट्रस्ट और उसके ट्रस्टियों पर झूठे आरोप लगाए जबकि यह लोग ट्रस्ट के लिए बिल्कुल अनजान हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 22 सितंबर 2025 सुबह 11:30 बजे शरदपत अपने घर में बने ऑफिस में थे तभी प्रणवपत सिंहानिया, सुयश अस्थाना, अनूप अस्थाना, बिजेंद्र नाथ मिश्रा और नरेश चंद्र त्रिपाठी उर्फ कट्टा गुरु जबरन घुस आए। आरोपियाें ने तोड़फोड़ की और विरोध करने पर उन्हें पीटा। उनकी कीमती घड़ी चुरा ली।संपत्ति नाम करने का दबाव बनाया और कहा ऐसा न करने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजवा देंगे। आरोपियों ने धमकाते हुए हर माह एक लाख रुपये की रंगदारी देने का दबाव बनाया। नरेश चंद्र त्रिपाठी ने धमकाते हुए कहा मेरा नाम कट्टा गुरु है। अगर कहीं शिकायत की तो जान से हाथ धो बैठोगे। डर के कारण वह आरोपियों को लगातार रकम दे रहे हैं।
किसी तरह से हिम्मत जुटाकर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की तो रिपोर्ट दर्ज की गई। फजलगंज इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपों की जांच की जा रही है।




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