आरोपी कर्मचारी उनके "निजी सचिव" नहीं बल्कि समिति के नियमित कर्मचारी
मामला लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होने के कारण काफी संवेदनशील
सीसीटीवी में नौटियाल को चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ वस्तुएँ अपने पास रखते देखा गया।कानपुर: 7 जुलाई 2026
चमोली: 7 जुलाई 2026
बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में ताज़ा घटनाक्रम यह है कि मंदिर समिति ने अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उत्तराखंड सरकार ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है, जबकि विपक्ष और स्थानीय संगठनों ने SIT जांच की मांग तेज कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
2 जुलाई 2026: सीसीटीवी फुटेज में प्रमोद नौटियाल को चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ वस्तुएँ अपने पास रखते देखा गया।
3 जुलाई 2026: मंदिर समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।
7 जुलाई 2026: BKTC (बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) ने नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जांच समिति गठित: उत्तराखंड सरकार ने गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई है, जो 15 दिन में रिपोर्ट देगी।
विपक्ष का विरोध: कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला मंदिर परिसर में मौन व्रत पर बैठे और SIT जांच की मांग की।
जन आक्रोश: स्थानीय संगठनों और श्रद्धालुओं ने पारदर्शिता की मांग की और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की अपील की।
आरोप और विवाद
मुख्य आरोप: मंदिर समिति के कर्मचारियों और अध्यक्ष के निजी सचिव पर चढ़ावे में हेराफेरी का आरोप।
शिकायतकर्ता: हिंदूवादी संगठन भैरव सेना ने सबसे पहले शिकायत दर्ज कराई थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: बसपा प्रमुख मायावती ने भी सवाल उठाए कि बड़े धार्मिक स्थलों पर प्रबंधकों की मिलीभगत या लापरवाही से श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ हो रहा है।
संभावित असर
आस्था पर चोट: करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास को गहरी ठेस पहुँची है।
प्रबंधन सुधार: समिति ने दान-चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।
कानूनी कार्रवाई: यदि आरोपी सफाई नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ FIR और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बद्रीनाथ धाम का यह मामला अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद एक और बड़ा धार्मिक-प्रशासनिक संकट बन गया है। जांच समिति की रिपोर्ट अगले 15 दिनों में आने वाली है, जो तय करेगी कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने कमेटी अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को सबूत मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। मुख्य बातें:यह कार्रवाई बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे (दान/चढ़ावा) की कथित चोरी के आरोपों के बाद ली गई है।
भैरव सेना जैसे संगठनों ने पहले आरोप लगाए थे कि कमेटी के एक कर्मचारी (जिसे अध्यक्ष का निजी सचिव बताया गया) चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी कर रहा है।
समिति ने जांच की और सबूत मिलने पर प्रमोद नौटियाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
कुछ रिपोर्टों में कानूनी कार्रवाई की भी संभावना जताई गई है। BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पहले स्पष्ट किया था कि आरोपी कर्मचारी उनके "निजी सचिव" नहीं बल्कि समिति के नियमित कर्मचारी हैं, जो पिछले अध्यक्षों के साथ भी काम कर चुके हैं। फिर भी, आरोप साबित होने पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया था।यह मामला लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होने के कारण काफी संवेदनशील है। समिति ने कहा है कि पारदर्शिता बनाए रखने और दोषियों पर सख्त एक्शन लेने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।




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