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कारगिल विजय दिवस: सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव व वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस गरिमामयी श्रद्धांजलि समारोह के मुख्य अतिथि
पाकिस्तान से कोई सामान्य बातचीत नहीं
पाकिस्तान की सेना व आतंकियों के बीच का अंतर समाप्त हो चुका है।
कानपुर: 26 जुलाई 2026
नई दिल्ली: 26 जुलाई 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर 1999 के कारगिल युद्ध में देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया।
मुख्य कार्यक्रम और श्रद्धांजलि सभामुख्य अतिथि: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस गरिमामयी श्रद्धांजलि समारोह के मुख्य अतिथि थे।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति: समारोह में लद्दाख के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, और उत्तरी कमान के कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा सहित सेना के कई उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
पुष्पवर्षा: भारतीय वायु सेना के तीन हेलीकॉप्टरों (एक उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर और दो चीतल हेलीकॉप्टर) ने 'एरोहेड' आकार में उड़ान भरकर युद्ध स्मारक पर पुष्पवर्षा की।
शौर्य संध्या: इससे पहले, शनिवार शाम को द्रास में बारिश के बीच सेना ने 'शौर्य संध्या' कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें 1999 के जांबाजों की शौर्य गाथाओं को याद किया गया।
वीर नारियों का सम्मान: रक्षा मंत्री ने लद्दाख यात्रा के दौरान युद्ध में शहीद हुए जवानों के परिवारों और वीर नारियों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया।
पाकिस्तान को कड़ा संदेश द्रास से देश को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को लेकर भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट किया:
बातचीत पर रोक: उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अब पाकिस्तान से कोई सामान्य बातचीत नहीं होगी।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर ही चर्चा: यदि भविष्य में कोई बात होगी, तो वह केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर होगी, जो भारत का अभिन्न हिस्सा है।
आतंकवाद पर प्रहार: उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति बना लिया है और वहां की सेना व आतंकियों के बीच का अंतर समाप्त हो चुका है।
कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) के ऐतिहासिक अवसर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव व वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भारतीय सेना के वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से दश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के शौर्य और पराक्रम को नमन किया।
नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए मुख्य संदेश इस प्रकार हैं:
राहुल गांधी का संदेशवीर जवानों को नमन: राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत की सीमा की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों को कारगिल विजय दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
देश सदैव ऋणी रहेगा: उन्होंने कहा कि देश हमारे जवानों के साहस, शौर्य और उनके सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
प्रियंका गांधी वाड्रा का संदेशशौर्य और पराक्रम का प्रतीक: प्रियंका गांधी ने एक्स (X) पोस्ट में लिखा कि कारगिल विजय दिवस हमारी सेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को याद करने का दिन है।
दुर्गम परिस्थितियों में विजय: उन्होंने आगे कहा कि कारगिल युद्ध में हमारे जांबाजों ने अत्यंत कठिन और दुर्गम परिस्थितियों का सामना किया। अपनी जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा की और हिमालय की ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराया।
अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता: उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों को सादर नमन करते हुए कहा कि देश हमेशा हमारे वीर शहीदों का ऋणी रहेगा।
कारगिल विजय दिवस 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारतीय सशस्त्र बलों की ऐतिहासिक जीत और 'ऑपरेशन विजय' की सफलता की याद दिलाता है।

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