मृतको के नाम दीपक पाण्डेय (30) और अंकित कमल (28)
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को बिना कपड़ों के शव सौंप दिए गए।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को बिना कपड़ों के शव सौंप दिए गए।
परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पर प्रशासन और व्यवस्था के खिलाफ बवाल काटा
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में पांडु नहर के बढ़े जलस्तर के कारण सोमवार रात (7 सितम्बर 2026) को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें कार सवार दो दोस्तों—दीपक पाण्डेय (30) और अंकित कमल (28)—की डूबने से मौत हो गई.
इस घटना के बाद बुधवार (9 सितम्बर 2026) को तब भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को बिना कपड़ों के शव सौंप दिए गए। इस संवेदनहीनता को लेकर परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पर प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर बवाल का
हंगामे और परिजनों के आरोप बिना कपड़ों के शव सौंपना: पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब मृतकों के शव परिजनों के सुपुर्द किए गए, तो उन पर कपड़े नहीं थे। इसे लेकर परिवार के लोग भड़क गए और उन्होंने व्यवस्था की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया।
प्रशासनिक लापरवाही: परिजनों का कहना है कि पांडु नदी/नहर का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर था और पानी सड़कों पर बह रहा था। इसके बावजूद प्रशासन ने वहां कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया था। अगर समय रहते सड़क बंद कर दी गई होती, तो दोनों की जान बच सकती थी।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
इस घटना के बाद बुधवार (9 सितम्बर 2026) को तब भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को बिना कपड़ों के शव सौंप दिए गए। इस संवेदनहीनता को लेकर परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पर प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर बवाल का
हंगामे और परिजनों के आरोप बिना कपड़ों के शव सौंपना: पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब मृतकों के शव परिजनों के सुपुर्द किए गए, तो उन पर कपड़े नहीं थे। इसे लेकर परिवार के लोग भड़क गए और उन्होंने व्यवस्था की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया।
प्रशासनिक लापरवाही: परिजनों का कहना है कि पांडु नदी/नहर का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर था और पानी सड़कों पर बह रहा था। इसके बावजूद प्रशासन ने वहां कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया था। अगर समय रहते सड़क बंद कर दी गई होती, तो दोनों की जान बच सकती थी।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
लापता होने की रिपोर्ट: सुरार निवासी दीपक पाण्डेय और ठठिया निवासी अंकित कमल सोमवार रात अपनी टाटा पंच कार से निकले थे। जब वे देर रात तक घर नहीं लौटे और उनके फोन बंद आए, तो परिजनों ने मंगलवार को सचेंडी थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
बाढ़ के पानी का धोखा: बचऊपुर गांव के पास सड़क और नहर दोनों बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुके थे। पानी का स्तर एक समान दिखने के कारण वे जलभराव का सही अंदाजा नहीं लगा पाए और कार आगे बढ़ा दी। तेज बहाव की चपेट में आते ही कार अनियंत्रित होकर नहर में समा गई।
24 घंटे का सर्च ऑपरेशन: पुलिस और गोताखोरों की मदद से चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मंगलवार देर रात दोनों के शव कार से करीब 200 मीटर दूर बरामद किए गए।
बाढ़ के पानी का धोखा: बचऊपुर गांव के पास सड़क और नहर दोनों बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुके थे। पानी का स्तर एक समान दिखने के कारण वे जलभराव का सही अंदाजा नहीं लगा पाए और कार आगे बढ़ा दी। तेज बहाव की चपेट में आते ही कार अनियंत्रित होकर नहर में समा गई।
24 घंटे का सर्च ऑपरेशन: पुलिस और गोताखोरों की मदद से चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मंगलवार देर रात दोनों के शव कार से करीब 200 मीटर दूर बरामद किए गए।



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