5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के लिए केंद्र सरकार से अंतिम अधिसूचना जारी कराना है।
मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनियनों के बीच द्विपक्षीय समझौते की सहमति बन चुकी थी,
सोमवार से शुक्रवार तक रोज़ाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करना स्वीकार किया था
वित्त मंत्रालय से इसकी अंतिम मंज़ूरी नहीं मिल पाई है।
कानपुर:11 सितम्बर 2026
नई दिल्ली:11 सितम्बर 2026
इस आंदोलन की मुख्य वजह 5-दिवसीय कार्य सप्ताह (5-Day Work Week) को लागू करने के लिए केंद्र सरकार से अंतिम अधिसूचना (Notification) जारी कराना है। मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच द्विपक्षीय समझौते के तहत इस पर सहमति बन चुकी थी, जिसमें कर्मचारियों ने हर हफ्ते शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोज़ाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करना स्वीकार किया था। इसके बावजूद, वित्त मंत्रालय से अभी तक इसकी अंतिम मंज़ूरी नहीं मिल पाई है।
यूनियनों की अन्य प्रमुख मांगें और आंदोलन की आगामी रूपरेखा नीचे दी गई है:
प्रमुख मांगें5-डे बैंकिंग सप्ताह लागू करना: सभी शनिवारों को आधिकारिक अवकाश घोषित कर इसे तुरंत प्रभावी बनाना।
PLI स्कीम की समीक्षा: सरकार की परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना में विसंगतियों को दूर करना, जिसे यूनियनों ने भेदभावपूर्ण बताया है।
पेंशन और अन्य लंबित मुद्दे: पेंशन सुधारों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा से जुड़े प्रावधानों को तुरंत लागू करना।
आगामी हड़ताल का कार्यक्रम
अगर सरकार और बैंक प्रबंधन द्वारा मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो UFBU ने आंदोलन को और तेज़ करने की चेतावनी दी है:
28 से 30 सितंबर 2026: 3 दिवसीय देशव्यापी हड़ताल।
26 अक्टूबर 2026 से: अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल।
आज की इस 24 घंटे की हड़ताल के बाद कल दूसरा शनिवार और फिर रविवार होने के कारण कई स्थानों पर लगातार तीन से चार दिनों तक फिजिकल बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप और एटीएम जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहने की उम्मीद है।
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