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पाकिस्तान ने गुरुवार तड़के अफगानिस्तान के भीतर 10 सैन्य ठिकानों पर किए हवाई और ड्रोन हमले

दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा पर तनाव चरम पर 
पूर्वी अफगानिस्तान के पक्तिया, नंगरहार, खोस्त और तालिबान नेता के गढ़ कंधार में ठिकानों को निशाना बनाया
कार्रवाई पूरी तरह  सैन्य ठिकानों तक सीमित: जो  पाकिस्तान में घुसपैठ और हमलों की साजिश रच रहे थे।
ताजा एयरस्ट्राइक के बाद डूरंड रेखा पर सैन्य चौकसी बढ़ा दी गई है 

कानपुर:24 सितम्बर 2026
नई दिल्ली: 24 सितम्बर 2026
पाकिस्तान ने गुरुवार (24 सितंबर 2026) तड़के अफगानिस्तान के भीतर 10 सैन्य ठिकानों पर हवाई और ड्रोन हमले (एयरस्ट्राइक) किए हैं, जिसके बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे "सटीक, नपा-तुला और आनुपातिक" बताया है। 
इस पूरे घटनाक्रम और दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. पाकिस्तान की कार्रवाई और दावा हमले की वजह: पाकिस्तान का आरोप है कि एक दिन पहले अफगानिस्तान की ओर से उसकी सीमा चौकियों पर 8 ड्रोन भेजे गए थे और भारी गोलाबारी की गई थी। पाकिस्तान ने इन सभी ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया था।
निशाने पर कौन से क्षेत्र?: पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने पूर्वी अफगानिस्तान के पक्तिया, नंगरहार, खोस्त और तालिबान के सर्वोच्च नेता के गढ़ कंधार में उन ठिकानों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा था। 
उद्देश्य: पाकिस्तान सरकार के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह से उन सैन्य ठिकानों तक सीमित थी जो सीधे तौर पर पाकिस्तान में घुसपैठ और हमलों की साजिश रच रहे थे।
2. अफगानिस्तान (तालिबान सरकार) का रुख
आरोपों से इनकार: हमलों से ठीक एक दिन पहले (बुधवार को) अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर किसी भी प्रकार का ड्रोन या सीमा पार हमला करने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। 
ताजा स्थिति: पाकिस्तान द्वारा किए गए इस ताजा हवाई हमले पर फिलहाल काबुल (तालिबान मुख्यालय) की तरफ से आधिकारिक तौर पर कोई त्वरित जवाबी प्रतिक्रिया या हताहतों का आंकड़ा सामने नहीं आया है, हालांकि स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंधार और अन्य प्रांतों में भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. 
3. तनाव बढ़ने की पृष्ठभूमि
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्तों में यह कड़वाहट नई नहीं है। इस साल की शुरुआत (फरवरी 2026) से ही दोनों देशों के बीच सीमा पर झड़पें तेज हो गई थीं:
मार्च 2026 में हुआ संघर्ष विराम टूट चुका है, जिसके बाद चीन जैसे देशों द्वारा की गई मध्यस्थता की कोशिशें भी नाकाम रही हैं।
पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि तालिबान सरकार अपनी जमीन पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अन्य चरमपंथी गुटों को पनाह दे रही है, जबकि तालिबान इसे पाकिस्तान का आंतरिक सुरक्षा मामला बताता है।
इस ताजा एयरस्ट्राइक के बाद डूरंड रेखा (दोनों देशों की सीमा) पर सैन्य चौकसी बढ़ा दी गई है और स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। 
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