सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ ने सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट की समीक्षा के बाद निर्देश किए जारी
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि शुरुआती जांच में 70 घटनाएं सामने आई
गहन जांच के बाद काउंटिंग रूम से नकदी गायब करने या छिपाने की 105 घटनाओं की पहचान
CCTV में कर्मचारी पैसों को अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते दिखे हैं।
कानपुर: 21 सितम्बर 2026
अयोध्या: 21 सितम्बर 2026
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच टीम (SIT) को CCTV फुटेज से चोरी की 105 घटनाओं के पुख्ता सबूत मिले हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SIT को 25 सितंबर 2026 तक निचली अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति दे दी है।
प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ ने SIT की सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट की समीक्षा के बाद यह निर्देश जारी किए हैं।
इस पूरे मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
CCTV में कैद हुईं 105 वारदातें: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि शुरुआती जांच में 70 घटनाएं सामने आई थीं, लेकिन गहन जांच के बाद काउंटिंग रूम से नकदी गायब करने या छिपाने की 105 घटनाओं की पहचान हुई है। CCTV में कर्मचारी पैसों को अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते दिखे हैं।
चार्जशीट दाखिल करने की समय-सीमा:
गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों की 90 दिनों की वैधानिक अवधि 25 सितंबर को समाप्त हो रही है। यदि 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती, तो आरोपियों को 'डिफ़ॉल्ट बेल' (वैधानिक जमानत) मिल सकती थी, इसलिए कोर्ट ने समय पर चार्जशीट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
भारी मात्रा में बरामदगी और सबूत: इस मामले में अब तक आरोपियों के पास से ₹79.85 लाख से अधिक की नकदी बरामद की जा चुकी है, जिसे उन्होंने अजीबोगरीब जगहों जैसे बाथरूम, भूसे के ढेर और उपलों में छिपा रखा था। इसके साथ ही 173 गवाहों के बयान और बैंक लॉकर के रिकॉर्ड भी जुटाए गए हैं।
ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: इस विवाद के सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष अधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा को उनके पदों से हटा दिया गया था। अब पूर्व सैन्य अधिकारी जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का नया सीईओ (CEO) नियुक्त कर प्रशासनिक ढांचे में सुधार किया गया है।
कीमती सामान सुरक्षित: राहत की बात यह है कि मंदिर की 803 कीमती वस्तुएं और धातुएं (जैसे चांदी की ईंटें, हार आदि) पूरी तरह सुरक्षित पाई गई हैं, उनके रिकॉर्ड में कोई विसंगति नहीं मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि वह निचली अदालत (अयोध्या सेशंस कोर्ट) के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करेगा और मजिस्ट्रेट कानून के अनुसार चार्जशीट पर आगे की कार्रवाई करेंगे।
x




0 Comments