हत्या, रंगदारी, टेरर फंडिंग और सुरक्षाबलों पर हमले जैसे करीब 39 गंभीर मामले थे दर्ज
मौके से पुलिस ने दो पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी किए बरामद
एनकाउंटर रविवार, 20 सितंबर 2026 सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में हुआ।
वाराणसी:20 सितम्बर 2026
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में यूपी एटीएस (UP ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। यह एनकाउंटर रविवार, 20 सितंबर 2026 की सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में हुआ।
इस एनकाउंटर से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
30 लाख रुपये का इनाम:
मारे गए नक्सली कमांडर बृजेश गंझू पर झारखंड सरकार की तरफ से 25 लाख रुपये और एनआईए
की तरफ से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। एनआईए टेरर फंडिंग के मामले में पिछले 8 साल से उसकी तलाश कर रही थी।
प्रतिबंधित संगठन का प्रमुख: बृजेश गंझू झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का मुख्य कमांडर था। वह मूल रूप से झारखंड के चतरा जिले के लवलंग थाना क्षेत्र के लूटू गांव का रहने वाला था।
एनकाउंटर की वजह: यूपी एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि बृजेश अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की तरफ जा रहा है। रामनगर के लंका मैदान इलाके में जब एटीएस टीम ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई और मौत: पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में बृजेश गंझू को गोलियां लगीं। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षित बचे पुलिस अधिकारी: मुठभेड़ के दौरान नक्सली की तरफ से चलाई गई गोलियां यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं, जिससे दोनों अधिकारी सुरक्षित बच गए।
आपराधिक इतिहास: एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश के मुताबिक, इस कुख्यात नक्सली पर हत्या, रंगदारी, टेरर फंडिंग और सुरक्षाबलों पर हमले जैसे करीब 39 गंभीर मामले दर्ज थे। मौके से पुलिस ने दो पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
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