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जीवित पति को "मृत" घोषित कर संयुक्त मालिकाना हक वाले फ्लैट को ₹1.11 करोड़ में बेचने के आरोप में गिरफ्तार:मुंबई

 पति का  फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और हाउसिंग सोसायटी का जाली अनापत्ति प्रमाण पत्र तैयार करवाया।
पुलिस  जांच कर रही है कि  फर्जी डेथ सर्टिफिकेट और जाली एनओसी बनाने में किन लोगों ने मदद की थी
पति और मां को  भनक लगी, बैंक से संपर्क: पता चला कागजों में पति को मृत दिखाकर फ्लैट  बेचा जा चुका है। 
पति-पत्नी पिछले कुछ सालों से अलग रह रहे थे और फैमिली कोर्ट में  तलाक का मामला चल रहा था 

कानपुर: 12 सितम्बर 2026
मुंबई: 12 सितम्बर 2026
मुंबई के बोरीवली इलाके की MHB कॉलोनी पुलिस ने एक 49 वर्षीय महिला (शालिनी) को अपने जीवित पति (रायन) को कागजों पर "मृत" घोषित कर उनके संयुक्त मालिकाना हक वाले फ्लैट को ₹1.11 करोड़ में बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है।एक महिला ने अपने भले-चंगे पति को कागजों में मरा हुआ दिखा दिया। उसने नकली डेथ सर्टिफिकेट, झूठा एफिडेविट और सोसाइटी का फर्जी एनओसी बनवाकर दोनों के नाम वाला फ्लैट बेच डाला। इतना ही नहीं, उसी फ्लैट पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये का लोन भी पास करा लिया गया। जब इस पूरे खेल का खुलासा हुआ, तो पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
इस पूरे धोखाधड़ी मामले का विवरण नीचे दिया गया है:
 ऐसे दिया धोखाधड़ी को अंजाम
फर्जी दस्तावेज: महिला ने अपने पति का एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Fake Death Certificate) और हाउसिंग सोसायटी का जाली अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) तैयार करवाया।
खुद को वारिस बताया: महिला ने एक झूठा हलफनामा (Affidavit) भी जमा किया, जिसमें उसने खुद को पति की इकलौती कानूनी वारिस घोषित कर दिया।
फ्लैट का सौदा: इन फर्जी कागजातों के आधार पर उसने 11 अप्रैल 2025 को तन्ना परिवार नाम के खरीदारों को ₹1.11 करोड़ में फ्लैट बेच दिया। 
 कैसे खुला राज?लोन और मॉर्टगेज: फ्लैट खरीदने वाले खरीदार ने इस प्रॉपर्टी पर एक निजी बैंक से ₹1.1 करोड़ का होम लोन लिया था। 
बैंक से मिली जानकारी: जब पति और उसकी मां को इस मॉर्टगेज (गिरवी) के बारे में भनक लगी, तो उन्होंने बैंक से संपर्क किया। बैंक से उन्हें पता चला कि कागजों में पति को मृत दिखाकर फ्लैट पहले ही बेचा जा चुका है। 
सोसायटी के जाली दस्तखत: जब पीड़ित पति ने हाउसिंग सोसायटी के पदाधिकारियों (चेयरमैन और सेक्रेटरी) को सोसायटी एनओसी दिखाई, तो उन्होंने साफ कर दिया कि उन्होंने ऐसा कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं किया है और उस पर किए गए हस्ताक्षर पूरी तरह नकली हैं।
पुलिस कार्रवाई: पीड़ित पति की शिकायत के बाद, मुंबई की MHB कॉलोनी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 सितंबर 2026 को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। उसे बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। 
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि महिला को यह फर्जी डेथ सर्टिफिकेट और जाली एनओसी बनाने में किन लोगों ने मदद की थी, और फ्लैट बेचकर मिले ₹1.11 करोड़ को उसने कहाँ इस्तेमाल या इन्वेस्ट किया है। (नोट: दोनों पति-पत्नी पिछले कुछ सालों से अलग रह रहे थे और फैमिली कोर्ट में उनका तलाक का मामला चल रहा था)। 
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