इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को हटाकर पारंपरिक बैलेट पेपर से मतदान कराने की पुरजोर मांग
आरोप: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश
वोटर लिस्ट में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का विवाद वोट चोरी का आरोप
नई दिल्ली:30 सितम्बर 2026
नई दिल्ली में 30 सितम्बर 2026 को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग (EC) की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक साझा मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को हटाकर पारंपरिक बैलेट पेपर से मतदान कराने की पुरजोर मांग की है।
विपक्षी गठबंधन की इस उच्च स्तरीय बैठक और इससे ठीक पहले हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक से जुड़े प्रमुख घटनाक्रम और मुख्य मुद्दे निम्नलिखित हैं:
1. बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांगमल्लिकार्जुन खड़गे का रुख: खड़गे ने सोशल मीडिया और बैठकों के दौरान स्पष्ट कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए EVM से चुनाव बंद होने चाहिए और मतदान केवल बैलेट पेपर से ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" के सिद्धांत पर टिकी है, जिसे वर्तमान में गंभीर खतरा है।
2. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे और महाभियोग की मांग ज्ञानेश कुमार पर निशाना: विपक्ष ने वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सत्तारूढ़ दल (भाजपा) को फायदा पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
महाभियोग की तैयारी: विपक्षी नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों ने लोकसभा और राज्यसभा में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव (Impeachment Motion) लाने के लिए नोटिस का मसौदा (ड्राफ्ट) भी तैयार कर लिया है, जिस पर बैठक में गंभीर चर्चा हुई।
3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांगनैतिकता के आधार पर इस्तीफा: मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन पर प्रधानमंत्री का दबाव है। खड़गे ने कहा कि चूंकि प्रधानमंत्री ने स्वायत्त संस्था पर कथित रूप से दबाव डाला है, इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी को भी नैतिक आधार पर अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
4. वोटर लिस्ट में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का विवाद वोट चोरी का आरोप: विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में किए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और वोटर रजिस्ट्रेशन के नियमों में बदलाव के जरिए जानबूझकर साजिश के तहत योग्य मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। [1, 2]
खड़गे ने इस प्रक्रिया को तुरंत वापस लेने (Rollback) और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी द्वारा उठाए गए "वोट चोरी" और चुनाव प्रक्रिया की कमियों के मुद्दे पर पूरे विपक्षी दल एकजुट होकर सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं।
5. चुनाव आयोग का पक्षआरोपों का खंडन: विपक्ष के इन हमलों और आंतरिक मतभेदों की खबरों के बीच चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से और स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत ही लिए गए हैं।
निष्कर्ष और आगे की राह:
आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए INDIA ब्लॉक ने इस मुद्दे पर देशव्यापी संयुक्त आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। विपक्ष का कहना है कि वे किसी भी मतदाता का हक नहीं मरने देंगे और देश की चुनाव प्रक्रिया में आम जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगे।
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