विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का भी आदेश
एम.सी. शिवगामी और एम.सी. नटराजन ने स्वर्गीय एम.सी. चंद्रशेखरन कानूनी वारिस बताते हुए हक जताया
दोनों पक्षों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थता (Mediation) का विकल्प भी सुझाया है।
अगली सुनवाई 18 दिसंबर 2026 को तय की गई
चेन्नई: 17 सितम्बर 2026
दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की चेन्नई स्थित संपत्ति से जुड़े इस कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने न केवल बोनी कपूर, जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर को नोटिस जारी किया है, बल्कि विवादित जमीन पर यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का भी आदेश दिया है।
इस मामले सेजुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और वर्तमान स्थिति यथास्थिति का आदेश: जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पिल्लई की बेंच ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई तक जमीन के मालिकाना हक, निर्माण या कब्जे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
मध्यस्थता का सुझाव: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थता (Mediation) का विकल्प भी सुझाया है।
अगली सुनवाई: इस मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर 2026 को तय की गई है。 विवादित जमीन का विवरण
स्थान: ईस्ट कोस्ट रोड (ECR), शोलिंगनल्लूर, चेन्नई।
सर्वे नंबर: 1/1B。
क्षेत्रफल: 2.7 एकड़।
विवाद की मुख्य वजह
यह मामला करीब 37 साल पुराने एक सौदे से जुड़ा हुआ है:
दावा: याचिकाकर्ता एम.सी. शिवगामी और एम.सी. नटराजन ने खुद को स्वर्गीय एम.सी. चंद्रशेखरन का कानूनी वारिस बताते हुए इस जमीन पर अपना हक जताया है। उन्होंने 19 अप्रैल 1988 को श्रीदेवी और उनके परिवार के पक्ष में की गई सेल डीड (बिक्री विलेख) को चुनौती दी है।
हाईकोर्ट का फैसला: इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने कपूर परिवार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट का कहना था कि दशकों पुराने सौदे को इतने सालों बाद चुनौती देना कानूनन सही नहीं है। अब याचिकाकर्ताओं ने इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है
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