बैठक के दौरान चंपत राय के साथ पूर्व ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा भी मौजूद रहे
तैनात कर्मचारियों का हाल-चाल जाना और कहा कि यदि कार्य में कोई परेशानी आ रही हो तो तुरंत बताएं।
बंद कमरे में कर्मचारियों के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए।
कानपुर:6 सितम्बर 2026
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी होने के विवाद और महासचिव पद से इस्तीफे के करीब ढाई महीने बाद पूर्व महासचिव चंपत राय रविवार (6 सितंबर 2026) को एक बार फिर मंदिर परिसर पहुंचे। महासचिव पद से हटने के बाद पहली बार वे तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने बंद कमरे में कर्मचारियों के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए।
इस बैठक और उनकी वापसी से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
कर्मचारियों से संवाद: इस बैठक के दौरान चंपत राय के साथ पूर्व ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा भी मौजूद रहे। चंपat राय ने वहां तैनात कर्मचारियों का हाल-चाल जाना और उनसे कहा कि यदि कार्य करने में कोई परेशानी आ रही हो तो उन्हें तुरंत बताएं।
दखल और प्रभाव बरकरार: राम मंदिर ट्रस्ट [श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट] के पुनर्गठन और नए न्यासियों की घोषणा में भले ही चंपत राय का नाम शामिल नहीं है, लेकिन इस बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि ट्रस्ट की नई व्यवस्था में पद न होने के बावजूद उनका प्रभाव और दखल अभी भी बरकरार है।
विवाद की पृष्ठभूमि: गौरतलब है कि राम मंदिर में हुए करीब ₹90 लाख के चढ़ावा चोरी मामले में चौतरफा घिरने के बाद चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद हाल ही में ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को सुधारने के लिए एक नए सीईओ [CEO] की नियुक्ति भी की गई है।
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