नवनिर्मित एयरपोर्ट के इतिहास में पहली इंटरनेशनल फ्लाइट मूवमेंट
विमानों में रूस का प्रसिद्ध भारी सैन्य मालवाहक जहाज IL-76 (इल्यूशिन-76) भी शामिल
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दौरे की तैयारियों के सिलसिले में आए
नई दिल्ली: 10 सितम्बर 2026
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) पर पहली बार किसी विदेशी विमान की लैंडिंग हुई है, जिसमें रूस के 3 सैन्य विमान शामिल हैं. यह इस नवनिर्मित एयरपोर्ट के इतिहास में पहली इंटरनेशनल फ्लाइट मूवमेंट है।
समय और विमान: ये तीनों विमान मंगलवार (8 सितंबर 2026) सुबह करीब 5:30 बजे जेवर एयरपोर्ट के रनवे पर उतरे। इन विमानों में रूस का प्रसिद्ध भारी सैन्य मालवाहक जहाज IL-76 (इल्यूशिन-76) भी शामिल है।
विमान में कौन था?: इन विमानों के जरिए रूसी सेना की एडवांस टीम और सीनियर मिलिट्री अधिकारी भारत पहुंचे हैं।
सुरक्षा: विमानों की लैंडिंग के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और रूसी टीमों ने पूरे एयरपोर्ट को हाई अलर्ट पर लेकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल ली है।
लैंडिंग से जुड़ी मुख्य बातें
जेवर एयरपोर्ट पर उतरने की वजह
ये विमान भारत में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे की तैयारियों के सिलसिले में आए हैं।
दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट पर वीवीआईपी ट्रैफिक और दबाव को कम करने के लिए इस बार सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से जेवर एयरपोर्ट को चुना गया है।
यह सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को आयोजित होने जा रहा है, जिसकी सुरक्षा और एडवांस तैयारियों को फाइनल करने के लिए यह रूसी टीम समय से पहले भारत पहुंची है।
x




0 Comments