स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग की चेतावनियों और निर्देशों को लगातार सुनते रहें।घाघरा नदी बाराबंकी में खतरे के निशान 106.07 मीटर से 7 सेंटीमीटर ऊपर 106.14 मीटर पर बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
कानपुर:27 सितम्बर 2026बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)। तहसील रामनगर अंतर्गत लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो जनपदों को जोड़ने वाले संजय सेतु के नीचे रविवार को घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के सामने से होकर बह रही नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान को पार कर गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार को नदी का जलस्तर 106.170 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से करीब 10 सेंटीमीटर ऊपर है।
सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम और सावधानियां:
आधिकारिक सूचनाओं पर नज़र रखें: स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग (NDRF/SDRF) और मौसम विभाग द्वारा जारी की जाने वाली चेतावनियों और निर्देशों को लगातार सुनते रहें।
आपातकालीन किट तैयार रखें: अपने पास एक बैग में जरूरी दवाएं, टॉर्च, माचिस/मोमबत्ती, जरूरी दस्तावेज, पीने का साफ पानी और कुछ सूखा राशन (जैसे चूड़ा, बिस्कुट) पैक करके रख लें।
बिजली और पानी से सावधानी: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली के खंभों, ढीले तारों और बिजली के उपकरणों से दूर रहें। पानी के उबलने या फिल्टर होने के बाद ही उसे पिएं ताकि जलजनित बीमारियों से बचा जा सके।
अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया या आस-पास फैलने वाली अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी/आधिकारिक सूत्रों की बातों पर ही भरोसा करें।
निचले इलाकों से दूरी बनाएं: यदि आपका घर नदी के पास या निचले इलाके में है, तो प्रशासन के निर्देशानुसार सुरक्षित या ऊंचे स्थानों (जैसे बाढ़ राहत शिविरों) पर जाने के लिए तैयार रहें।
x




0 Comments