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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारिया: कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ रायबरेली से पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक रथ यात्रा की शुरुआत: अखिलेश यादव: अध्यक्ष समाजवादी पार्टी

लखनऊ-रायबरेली बॉर्डर पर स्थित बछरावां  से शुरू
बछरावां से रायबरेली शहर की दूरी करीब 35 किलोमीटर 
 आउटरीच स्ट्रेटेजी के जरिए प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर सामाजिक न्याय के संदेश को पहुंचाना

कानपुर:24 सितम्बर 2026
लखनऊ:24 सितम्बर 2026
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत 24 सितंबर 2026 को कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ रायबरेली से अपनी PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रथ यात्रा की शुरुआत की है.
इस यात्रा और इसके राजनीतिक समीकरणों से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
यात्रा की शुरुआत और रूटस्टार्टिंग पॉइंट: यह यात्रा लखनऊ-रायबरेली बॉर्डर पर स्थित बछरावां (बसरामा) से शुरू हुई है. बछरावां से रायबरेली शहर की दूरी करीब 35 किलोमीटर है. [
समापन: यात्रा बछरावां से शुरू होकर रायबरेली शहर के गवर्नमेंट इंटर कॉलेज मैदान पहुंचेगी, जहाँ अखिलेश यादव एक जनसभा को संबोधित करेंगे.
अखिलेश का रथ: अखिलेश यादव 15 मीटर लंबी एक मल्टी-एक्सल हाईटेक लाल बस पर सवार होकर रवाना हुए हैं. इस बस में बुलेटप्रूफ ग्लास, हाइड्रोलिक लिफ्ट, मीटिंग स्पेस, इंटरनेट (Wi-Fi), और सीसीटीवी जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं.
राजनीतिक मायने और रणनीति कांग्रेस के गढ़ पर फोकस: रायबरेली को कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है और वर्तमान में यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र है. यहाँ से यात्रा शुरू करने को सपा के भविष्य में होने वाले सीट-शेयरिंग मोलभाव (Seat-Sharing Talks) और जमीनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
पीड़ित परिवारों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात: अखिलेश यादव इस दौरे के दौरान बछरावां के एससी (SC) वर्ग के विधायक श्याम सुंदर भारती और हरचंदपुर के ओबीसी (OBC) नेता व विधायक राहुल लोधी के घर जाएंगे. हाल ही में समाजवादी छात्रसभा और प्रशासन/ABVP के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस कार्रवाई से नाराज परिवारों से मिलकर अखिलेश कार्यकर्ताओं को एकजुटता का संदेश दे रहे हैं.
सोशल इंजीनियरिंग: यात्रा के दौरान अखिलेश यादव को हनुमान जी की गदा भेंट की गई और रास्ते में पड़ने वाले प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पर उन्होंने हाथ जोड़कर शीश नवाया. इसके अलावा नीले रंग के प्रतीकों (नीला गमछा) का इस्तेमाल कर वे दलितों (अम्बेडकरवादियों) और पिछड़ों को एक साथ साधने की कोशिश कर रहे हैं.
सपा का लक्ष्य इस PDA आउटरीच स्ट्रेटेजी के जरिए उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर सामाजिक न्याय के संदेश को पहुंचाना है 

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