विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सीबीआई द्वारा दोबारा जांच की फाइनल (क्लोजर) रिपोर्ट को स्वीकार
हत्याकांड या साजिश में सीधे शामिल होने का ठोस दस्तावेजी, मौखिक या वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं
अक्टूबर 2024 में सीबीआई विशेष अदालत पहले ही 10 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है
लखनऊ:19 सितम्बर 2026
उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित सीओ जियाउल हक हत्याकांड मामले में लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत ने कुंडा के विधायक और पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को एक बड़ी कानूनी राहत दी है। 19 सितंबर 2026 को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह ने सीबीआई द्वारा दोबारा जांच के बाद दाखिल की गई फाइनल (क्लोजर) रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और राजा भैया के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की मांग वाली याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया।
इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
1. साक्ष्यों का अभाव और क्लोजर रिपोर्ट
सीबीआई ने कोर्ट को अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि राजा भैया के खिलाफ इस हत्याकांड या किसी साजिश में सीधे तौर पर शामिल होने का कोई भी ठोस दस्तावेजी, मौखिक या वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिला है। अदालत ने केस डायरी और विशेषज्ञ राय का परीक्षण करने के बाद माना कि राजा भैया के खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई आधार नहीं है।
2. दोबारा जांच की पृष्ठभूमिघटना: यह मामला 2 मार्च 2013 का है, जब प्रतापगढ़ जिले के कुंडा क्षेत्र के बलीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के बाद भड़की हिंसा को शांत कराने पहुंचे सीओ जियाउल हक की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश: पूर्व में सीबीआई द्वारा दी गई क्लीन चिट का सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने विरोध किया था। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अक्टूबर 2023 में सीबीआई ने दोबारा जांच शुरू की थी और दिसंबर 2023 में फिर से क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसे अब कोर्ट ने मंजूर कर लिया है।
3. मुख्य केस और अन्य आरोपियों की स्थिति
अदालत का यह नया फैसला सिर्फ राजा भैया की भूमिका और उनसे जुड़ी री-इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तक ही सीमित है। इस मामले के मुख्य मुकदमे में अक्टूबर 2024 में सीबीआई की विशेष अदालत पहले ही 10 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। सजा पाने वालों में फूलचंद यादव, पवन यादव और मंजीत यादव सहित अन्य शामिल हैं।
इस न्यायिक आदेश के बाद राजा भैया के खिलाफ इस केस से जुड़े सभी कानूनी रास्ते बंद हो गए हैं और उन्हें इस मोर्चे पर पूरी राहत मिल गई है।
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