पुलिस ने मौके से स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार नाम के युवकों को हिरासत में लिया था
मामले में संसद मार्ग थाने में FIR दर्ज की गई थी
निशु आजाद के पिता को मारकर सिर फोड़ने वाले स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने जुर्म को कबूल कर गर्व भी जताया है।
नई दिल्ली:4 सितम्बर 2026
नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना-प्रदर्शन आज फिर से मीडिया की सुर्खियों में आ गया. इसके साथ ही दो ऐसे नाम भी चर्चा में आ गए, जिनके बारे में आमतौर पर अधिक चर्चा नहीं सुनी गई थी. इनमें एक हैं निशु आजाद और दूसरा नाम है स्वतंत्र भारद्वाज का. आखिर ये कौन हैं और ऐसा क्या हुआ कि टीवी पर डिबेट से लेकर सड़क तक हंगामा कट गया है. सीजेपी वाले धरना क्यों दे रहे हैं और आखिर दिल्ली पुलिस का रोल कैसे घेरे में आ गया?
मुद्दा दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और छात्र संगठनों की तरफ से विरोध प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है. इस प्रदर्शन में गाजियाबाद के निवासी संजय कुमार भी शामिल हुए थे, जिनके साथ मारपीट की घटना हुई. असल में संजय की एक और पहचान यह है कि वह बहुजन मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर सक्रिय 15 साल की निशु आजाद के पिता हैं. वह बेटी और एक दोस्त के साथ शामिल हुए थे.
प्रदर्शन में संजय अपने मोबाइल से वीडियो बना रहे थे. इसी बात को लेकर वहां मौजूद कुछ लड़कों से उनकी बहस हो गई. आरोप है कि विवाद होने पर संजय के साथ मारपीट की वारदात हुई. उन्हें घेरकर मारा गया. इस दौरान उनके सिर पर गंभीर चोट आई. पुलिस ने मौके से स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार नाम के युवकों को हिरासत में लिया था. इस मामले में संसद मार्ग थाने में FIR दर्ज की गई थी.दलित एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता को मारकर सिर फोड़ने वाले स्वतंत्र भारद्वाज ने खुले आम अपने जुर्म को कबूल किया है और इसपर गर्व भी जताया है।
इसपअब राहुल गांधी ने साफ स्वतंत्र भारद्वाज को चेतावनी दी है और साथ ही पीड़ित लड़की निशु आजाद के समर्थन का ऐलान कर दिया है।
राहुल गांधी ने कहा "निशु, घबराने की जरूरत नहीं है, मैं तुम्हारे साथ हूं, साफ है कि तुम्हें इसीलिए निशाना बनाया गया है क्योंकि तुमने अपने समुदाय और छात्रों के हक की आवाज उठाई है। निशु तुम्हारी लड़ाई अकेली की लड़ाई नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता"
Rahul Gandhi@RahulGandhi
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ। साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो। अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है। @narendramodi जी, @AmitShah
जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे? निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता। जय भीम। जय संविधान।
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