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भारत की तिमाही 7.8% GDP ग्रोथ के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए आर्थिक असमानता को लेकर चिंता:चेयरमैन सैम पित्रोदा:इंडियन ओवरसीज कांग्रेस

देखना बेहद बुनियादी और जरूरी है कि क्या देश का विकास आम जनता तक या कुछ गिने-चुने लोगों तकक्या लाभ नीचे तक पहुंच रहा है, या हमने केवल कुछ और नए अरबपति पैदा कर दिए हैं?"
.8% की अच्छी विकास दर होने के बावजूद फायदा बहुत बड़ी आबादी तक नहीं पहुंच पा रहा है
प्रधानमंत्री ने विकास दर 7.8% की सराहना करते हुए इसे देशवासियों की मेहनत का परिणाम बताया
विपक्ष पर 'झूठ की गूंज' फैलाने का आरोप लगाया।

कानपुर:1 सितंबर 2026
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने भारत की हालिया तिमाही (Q1 FY27) की 7.8% GDP ग्रोथ के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए आर्थिक असमानता को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने शिकागो में दिए अपने बयान में कहा कि यह देखना बेहद बुनियादी और जरूरी है कि क्या देश का यह विकास आम जनता तक पहुंच रहा है या यह केवल कुछ गिने-चुने लोगों तक ही सीमित है।
सैम पित्रोदा के इस बयान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. आर्थिक असमानता और अरबपतियों की संख्या पर सवाल
पित्रोदा ने सवाल उठाया, "यह किस तरह का विकास है? क्या यह विकास कुछ चुनिंदा लोगों के लिए है या भारत की आम जनता के लिए? क्या यह समान रूप से विभाजित है? क्या इसका लाभ नीचे तक पहुंच रहा है, या हमने केवल कुछ और नए अरबपति (Billionaires) पैदा कर दिए हैं?"
2. महंगाई और आम आदमी की जमीनी हकीकत
उन्होंने सरकार को जमीनी हकीकत का सामना करने की सलाह देते हुए कहा कि अगर हम किसी औसत भारतीय नागरिक से उसकी जिंदगी के बारे में पूछेंगे, तो वह यही कहेगा कि पेट्रोल, गैस, खाना और मकान का किराया बेहद महंगा हो चुका है और आम आदमी के लिए गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
3. रुपये की गिरती स्थिति का हवाला
 गिरते रुपये का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया आज लगभग 100 के करीब पहुंच रहा है, जो उनके लिए देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा और चिंताजनक संकेतक है।
4. 'फेक आइडियाज' और सजावट से बचने की नसीहत
पित्रोदा ने कहा कि आप आंकड़ों को इस तरह पेश कर सकते हैं जिससे सब कुछ अच्छा दिखे (डेकोरेशन), लेकिन सरकार को यह स्वीकार करना चाहिए कि 7.8% की अच्छी विकास दर होने के बावजूद इसका फायदा एक बहुत बड़ी आबादी तक नहीं पहुंच पा रहा है और इस पर काम करने की जरूरत है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सत्तापक्ष का रुख
बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विकास दर (7.8%) की सराहना करते हुए इसे 140 करोड़ देशवासियों की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया था और विपक्ष पर 'झूठ की गूंज' फैलाने का आरोप लगाया।
सत्तापक्ष के अन्य नेताओं जैसे संबित पात्रा ने इस ग्रोथ को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण बताया है।
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