भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और सुप्रीम कोर्ट के चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।
प्रणाली संविधान में नहीं, 1981, 1993 और 1998 के 'तीन न्यायाधीश मामलों' के सुप्रीम कोर्ट फैसलों से विकसित
सरकार नामों पर एक बार फाइल वापस भेज सकती है। कॉलेजियम दोबारा भेजता है, तो नियुक्ति करनी ही है।
कानपुर:6 सितम्बर 2026
नई दिल्ली: 6 सितम्बर 2026
केंद्र सरकार ने 5 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद देश के 8 राज्यों के हाई कोर्ट (High Courts) में नए मुख्य न्यायाधीशों (Chief Justices) की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया पर इन नियुक्तियों की आधिकारिक जानकारी साझा की।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों को मंजूरी देते हुए आठ राज्यों के उच्च न्यायालयों (हाई कोर्ट) में नए मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) नियुक्त किए हैं।
मुख्य बातें
नियुक्तियाँ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य न्यायाधीश की सलाह पर इन नई नियुक्तियों को मंजूरी दी है।
विवादित नियुक्ति: इन नियुक्तियों में विवादों के बीच राजस्थान हाई कोर्ट को भी नया मुख्य न्यायाधीश मिला है।
अन्य सिफारिशें: कॉलेजियम ने विभिन्न उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण के लिए भी प्रस्ताव भेजे हैं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश के बाद नियुक्त किए गए नए मुख्य न्यायाधीशों की पूरी सूची नीचे दी गई है:
हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीशों की सूची:
पटना हाई कोर्ट: जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर रावपटना उच्च न्यायालय: न्यायमूर्ति वल्लूरी कामेश्वर राव कलकत्ता हाई कोर्ट: जस्टिस रविंद्र वी. घुगे
राजस्थान हाई कोर्ट: जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल
बॉम्बे हाई कोर्ट: जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट: जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट: जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट: जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट: जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम भारत में उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण करने वाली पाँच सदस्यीय संस्था है।
संरचना और गठन
सदस्य: इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और सुप्रीम कोर्ट के चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।
उत्पत्ति: यह प्रणाली संविधान में उल्लिखित नहीं है, बल्कि 1981, 1993 और 1998 के 'तीन न्यायाधीश मामलों' (Three Judges Cases) के सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से विकसित हुई है।
कार्यप्रणाली
नियुक्ति: कॉलेजियम सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजता है।
पुनर्विचार: सरकार इन नामों पर आपत्ति जताकर एक बार फाइल वापस भेज सकती है। यदि कॉलेजियम वही नाम दोबारा भेजता है, तो सरकार को नियुक्ति करनी ही होती है।
स्थानांतरण: यह उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों और मुख्य न्यायाधीशों के तबादले का निर्णय भी करता है।
नई दिल्ली: 6 सितम्बर 2026
केंद्र सरकार ने 5 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद देश के 8 राज्यों के हाई कोर्ट (High Courts) में नए मुख्य न्यायाधीशों (Chief Justices) की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया पर इन नियुक्तियों की आधिकारिक जानकारी साझा की।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों को मंजूरी देते हुए आठ राज्यों के उच्च न्यायालयों (हाई कोर्ट) में नए मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) नियुक्त किए हैं।
मुख्य बातें
नियुक्तियाँ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य न्यायाधीश की सलाह पर इन नई नियुक्तियों को मंजूरी दी है।
विवादित नियुक्ति: इन नियुक्तियों में विवादों के बीच राजस्थान हाई कोर्ट को भी नया मुख्य न्यायाधीश मिला है।
अन्य सिफारिशें: कॉलेजियम ने विभिन्न उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण के लिए भी प्रस्ताव भेजे हैं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश के बाद नियुक्त किए गए नए मुख्य न्यायाधीशों की पूरी सूची नीचे दी गई है:
हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीशों की सूची:
पटना हाई कोर्ट: जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव
राजस्थान हाई कोर्ट: जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल
बॉम्बे हाई कोर्ट: जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट: जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट: जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट: जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट: जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम भारत में उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण करने वाली पाँच सदस्यीय संस्था है।
संरचना और गठन
सदस्य: इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और सुप्रीम कोर्ट के चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।
उत्पत्ति: यह प्रणाली संविधान में उल्लिखित नहीं है, बल्कि 1981, 1993 और 1998 के 'तीन न्यायाधीश मामलों' (Three Judges Cases) के सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से विकसित हुई है।
कार्यप्रणाली
नियुक्ति: कॉलेजियम सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों के नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजता है।
पुनर्विचार: सरकार इन नामों पर आपत्ति जताकर एक बार फाइल वापस भेज सकती है। यदि कॉलेजियम वही नाम दोबारा भेजता है, तो सरकार को नियुक्ति करनी ही होती है।
स्थानांतरण: यह उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों और मुख्य न्यायाधीशों के तबादले का निर्णय भी करता है।




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