डालीबाग स्थित 14-बी करीब 6,700 वर्ग फीट कोठी पत्नी फरहत अंसारी के नाम पंजीकृत
इलाहाबाद हाई कोर्ट और गाजीपुर कोर्ट के आदेश को रद्द करने और संपत्ति को तत्काल मुक्त करने का फैसला
आरोप सीलिंग के दौरान अलमारियों के लॉक टूटे और बेटी की शादी के गहने व अन्य सामान चोरी हो चुके हैं।
आदेश के बाद नगर निगम ने बुधवार को कोठी का ताला खोलकर चाबी आधिकारिक तौर सौंप दी।
लखनऊ: 3 सितम्बर 2026
समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने अदालती आदेश के बाद लखनऊ के हजरतगंज स्थित डालीबाग की इस कोठी का भौतिक कब्जा वापस ले लिया है। यह कार्रवाई 2 सितम्बर 2026 को पुलिस प्रशासन और नगर निगम की मौजूदगी में पूरी की गई।
इस विवादित संपत्ति और कब्जे की प्रक्रिया से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
संपत्ति का विवरण और सीलिंग की पृष्ठभूमिस्वामित्व: डालीबाग स्थित 14-बी (करीब 6,700 वर्ग फीट) की यह आलीशान कोठी अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर पंजीकृत है।
सीलिंग की कार्रवाई: गैंगस्टर एक्ट के तहत गाजीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर 28 अक्टूबर 2022 को गाजीपुर पुलिस ने इसे कुर्क कर सील कर दिया था। इसके बाद संपत्ति की देखरेख का जिम्मा लखनऊ नगर आयुक्त (रिसीवर) को सौंपा गया था।
अदालत का फैसला और कब्जा वापसी कोर्ट का आदेश: इलाहाबाद हाई कोर्ट और गाजीपुर कोर्ट द्वारा कुर्की के आदेश को रद्द करने और संपत्ति को तत्काल मुक्त करने का फैसला दिया गया।
प्रशासनिक कागजी कार्रवाई: कोर्ट से राहत मिलने के बाद नगर निगम की टीम ने बुधवार को कोठी का ताला खोलकर चाबी आधिकारिक तौर पर परिवार को सौंप दी।
मौके पर उपजा नया विवाद और शिकायतेंचोरी के आरोप: कोठी के अंदर प्रवेश करने के बाद अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया कि सीलिंग अवधि के दौरान कोठी के अलमारियों के लॉक टूटे हुए थे और उनकी बेटी की शादी के गहने व अन्य सामान चोरी हो चुके हैं।
रास्ते का अवरोध: कोठी का मुख्य द्वार और मूल रास्ता एलडीए (LDA) की बगल में बनी आवासीय परियोजना की बाउंड्री वॉल के कारण अवरुद्ध मिला, जिससे प्रवेश करने में परिवार को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।




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