एसडीएम. तहसीलदार और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुलडोजर/जेसीबी से अवैध निर्माणों को किया ध्वस्त .
प्रशासन ने पिलरों को जेसीबी से ढहा पीड़ित स्वामी को उनकी जमीन का वास्तविक कब्जा दिलाया वापस .
पतारा निजी जमीन और सरकारी भूमि के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद का पैमाइश कराकर निस्तारण
कानपुर के घाटमपुर कस्बे और पतारा क्षेत्र में जिला प्रशासन ने अवैध कब्जों और भूमि विवादों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की है. एसडीएम (SDM) अविचल प्रताप सिंह और तहसीलदार ओम प्रकाश के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर मुस्तैद रहकर बुलडोजर/जेसीबी (JCB) से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया.
इस कार्रवाई से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
निजी भूमि को कराया गया मुक्तपिलर किए गए ध्वस्त: पतारा निवासी ओमनारायण की निजी भूमि पर पहले ब्लॉक प्रमुख के कोटे से इंटरलॉकिंग निर्माण कराया गया था. जांच के बाद इंटरलॉकिंग हटा दी गई थी, लेकिन वहां बने पिलर (खंभे) रह गए थे.
जमीन स्वामी को कब्जा: प्रशासन ने इन पिलरों को जेसीबी (JCB) से ढहा दिया और पीड़ित स्वामी को उनकी जमीन का वास्तविक कब्जा वापस दिलाया.
सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाला गिरफ्तार दबंग पर एक्शन:
कार्रवाई के दौरान पतारा क्षेत्र में ही मुश्ताक अहमद नामक व्यक्ति द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया.
कस्टडी में भेजा गया: राजस्व टीम की तत्काल कार्रवाई के तहत आरोपी को मौके से ही पुलिस हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया, जहां उसके खिलाफ विधिक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
सीमा विवाद का निपटारा और वृक्षारोपण जमीन की पैमाइश: पतारा की ही रहने वाली गीतिका पाल की निजी जमीन और सरकारी (नॉन-जेडए) भूमि के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद का मौके पर पैमाइश कराकर निस्तारण किया गया.
पर्यावरण संरक्षण: इस विवाद के सुलझने के बाद मुक्त कराई गई सरकारी जमीन को जेसीबी से खुदवाकर सुरक्षित किया गया. यह जमीन ग्रामसभा और वन विभाग को वृक्षारोपण (पौधरोपण) करने के लिए सौंप दी गई है.
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय और कमजोर वर्ग की निजी भूमियों पर दबंगों या भूमाफियाओं के अवैध कब्जों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा
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