स्थानीय प्रशासन और समाचार रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति बेहद गंभीर
प्रभावित गलियों में 8 से 10 फीट तक पानी भर गया ग्राउंड फ्लोर और आँगन पूरी तरह डूब गए
NDRF और स्थानीय रेस्क्यू टीमे नावों से फंसे परिवारों को बाहर निकाल रही हैं।
कानपुर: 3 सितम्बर 2026
कानपुर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पांडु नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे दक्षिण कानपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का भारी संकट पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन और समाचार रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
बाढ़ से जुड़े मुख्य बिंदु और वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
जलभराव का स्तर: प्रभावित गलियों में 8 से 10 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों के घरों का ग्राउंड फ्लोर और आँगन पूरी तरह डूब गए हैं।
डूब क्षेत्र: 1,000 से अधिक घर पानी में समा चुके हैं। हजारों लोग अपने घरों को छोड़कर छतों पर या सड़कों के किनारे टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं।
प्रभावित आबादी: इस आपदा से इलाकों की करीब 40 से 50 हजार आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है।
राहत एवं बचाव कार्य (Relief & Rescue Operations)राहत एवं बचाव कार्य (राहत एवं बचाव कार्य)
राहत एवं बचाव कार्य (राहत एवं बचाव कार्य)NDRF की तैनाती: स्थिति बिगडते ही NDRF और स्थानीय रेस्क्यू टीमों को तुरंत मोर्चे पर उतारा गया है, जो नावों के जरिए बाढ़ में फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल रही हैं।
राहत शिविर और शेल्टर होम: प्रशासन द्वारा विस्थापित लोगों के लिए श्री विशम्भर नाथ ठाकुर इंटर कॉलेज जैसी जगहों पर बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं।
कम्युनिटी किचन: प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन शुरू की गई है, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को भोजन और जरूरी राहत सामग्रियां बांटी जा रही हैं।
यातायात पर रोक: बाढ़ के पानी के कारण भौती-पनका संपर्क मार्ग पर बने पुल के ऊपर से पानी बहने की वजह से प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग लगाकर इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है
बाढ़ का प्रभाव और नुकसान प्रभावित इलाके: नदी का पानी बर्रा आठ की कच्ची बस्ती, वरुण विहार, मायापुरम, रविदासपुरम, गोपालपुरम, मेहरबान सिंह का पुरवा, जरौली फेज-2, पनका और पिपौरी गांव सहित 11 प्रमुख मोहल्लों और निचली बस्तियों में घुस चुका है।
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प्रभावित गलियों में 8 से 10 फीट तक पानी भर गया ग्राउंड फ्लोर और आँगन पूरी तरह डूब गए
NDRF और स्थानीय रेस्क्यू टीमे नावों से फंसे परिवारों को बाहर निकाल रही हैं।
कानपुर: 3 सितम्बर 2026
कानपुर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पांडु नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे दक्षिण कानपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का भारी संकट पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन और समाचार रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
बाढ़ से जुड़े मुख्य बिंदु और वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
जलभराव का स्तर: प्रभावित गलियों में 8 से 10 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों के घरों का ग्राउंड फ्लोर और आँगन पूरी तरह डूब गए हैं।
डूब क्षेत्र: 1,000 से अधिक घर पानी में समा चुके हैं। हजारों लोग अपने घरों को छोड़कर छतों पर या सड़कों के किनारे टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं।
प्रभावित आबादी: इस आपदा से इलाकों की करीब 40 से 50 हजार आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है।
राहत एवं बचाव कार्य (Relief & Rescue Operations)राहत एवं बचाव कार्य (राहत एवं बचाव कार्य)
राहत एवं बचाव कार्य (राहत एवं बचाव कार्य)NDRF की तैनाती: स्थिति बिगडते ही NDRF और स्थानीय रेस्क्यू टीमों को तुरंत मोर्चे पर उतारा गया है, जो नावों के जरिए बाढ़ में फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल रही हैं।
राहत शिविर और शेल्टर होम: प्रशासन द्वारा विस्थापित लोगों के लिए श्री विशम्भर नाथ ठाकुर इंटर कॉलेज जैसी जगहों पर बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं।
कम्युनिटी किचन: प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन शुरू की गई है, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को भोजन और जरूरी राहत सामग्रियां बांटी जा रही हैं।
यातायात पर रोक: बाढ़ के पानी के कारण भौती-पनका संपर्क मार्ग पर बने पुल के ऊपर से पानी बहने की वजह से प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग लगाकर इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है
बाढ़ का प्रभाव और नुकसान प्रभावित इलाके: नदी का पानी बर्रा आठ की कच्ची बस्ती, वरुण विहार, मायापुरम, रविदासपुरम, गोपालपुरम, मेहरबान सिंह का पुरवा, जरौली फेज-2, पनका और पिपौरी गांव सहित 11 प्रमुख मोहल्लों और निचली बस्तियों में घुस चुका है।
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