ट्रेनें मुख्य रूप से मुंबई, पुणे और नागपुर से चलकर कोंकण क्षेत्र और गोवा के विभिन्न हिस्सों को जोड़ेंगी।
ट्रेनों का संचालन 9 सितम्बर 2026 से शुरू
स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर, मल्टी-लेयर सुरक्षा, पीने के पानी और खान-पान व शौचालय की व्यवस्था
मुंबई:5 सितम्बर 2026
गणेश चतुर्थी (गणेशोत्सव 2026) के पावन अवसर पर अपने घर जाने वाले रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने यह बड़ा ऐलान किया है। त्योहार के दौरान होने वाली भारी भीड़ को संभालने और निजी बसों के मनमाने किराए (सर्ज प्राइसिंग) से आम जनता को राहत देने के लिए मध्य रेलवे (Central Railway) द्वारा इन विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
इस फैसले से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:
ट्रेनों का वर्गीकरण और रूटकुल फेरे/ट्रेनें: रेलवे द्वारा 262 स्पेशल ट्रेन सर्विसेज चलाई जा रही हैं।
आरक्षित और अनारक्षित श्रेणियां: इन 262 ट्रेनों में 200 आरक्षित (Reserved) सेवाएं और 62 अनारक्षित (General/Unreserved) विशेष ट्रेनें शामिल हैं, ताकि आखिरी समय में यात्रा करने वालों को भी सीट मिल सके।
प्रमुख रूट: ये ट्रेनें मुख्य रूप से मुंबई, पुणे और नागपुर से चलकर कोंकण क्षेत्र और गोवा के विभिन्न हिस्सों को जोड़ेंगी।
किस रूट पर कितनी सेवाएं?
कोंकण क्षेत्र में यात्रियों के भारी दबाव को देखते हुए सबसे ज्यादा ट्रेनें निम्नलिखित गंतव्यों के लिए तय की गई हैं:
सावंतवाड़ी रोड (Sawantwadi Road): सबसे ज्यादा 112 फेरे।
रत्नागिरी (Ratnagiri): 64 फेरे।
मडगांव (Madgaon - गोवा): 24 फेरे।मडगांव (गोवा): 24 राउंड।
परिचालन और सुविधाएंशुरुआत: इन ट्रेनों का संचालन 9 सितम्बर 2026 से शुरू हो रहा है। (बता दें कि इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है, इसलिए रेलवे ने उत्सव से पहले ही सेवाएं शुरू कर दी हैं)।
कोच की सुविधा: आरक्षित ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए पूरी तरह से वातानुकूलित (AC), स्लीपर (Sleeper) और सामान्य (General) कोच शामिल किए गए हैं।
स्टेशनों पर विशेष तैयारी: भीड़ को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर, मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था, पीने के पानी और NGO की मदद से खान-पान व शौचालय की व्यवस्था की गई है। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि असुविधा से बचने के लिए ट्रेन खुलने के समय से कम से कम 30 मिनट पहले स्टेशन पहुंचें।
यात्री इन स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या रेलवे के रिजर्वेशन काउंटरों (PRS Counter) के जरिए कर सकते हैं।
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