उद्देश्य वित्तीय लेनदेन की बेहद गहन, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनाSIT में CA की एंट्री:
दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट:
पूरे रिकॉर्ड तक पहुंच
बैंक के चेस्ट रूम के नियमों की अनदेखी और
शुरुआत से लेकर अब तक के सभी बड़े व छोटे डिजिटल और कैश ट्रांजैक्शन का फॉरेंसिक मिलान
शुरुआती जांच: श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की गिनती के दौरान ही रकम गायब की जा रही थी।
अयोध्या:28 जुलाई 2026
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नई विशेष जांच टीम (SIT) में अब चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और फॉरेंसिक ऑडिटर्स को शामिल किया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस कदम का उद्देश्य वित्तीय लेनदेन की बेहद गहन, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है।
जांच से जुड़ी मुख्य बातें और अब तक के अपडेट्स इस प्रकार हैं:
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख और निर्देश:
SIT में CA की एंट्री: चीफ जस्टिस सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि पैसों के हेरफेर को पकड़ने के लिए टीम में एक प्रतिष्ठित और स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट और फॉरेंसिक ऑडिटर को शामिल किया जाए।
दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट: शीर्ष अदालत ने पुनर्गठन के बाद नई बनी SIT को अगले दो हफ्तों के भीतर अपनी पहली प्रगति रिपोर्ट (Status Report) सौंपने का निर्देश दिया है।
पूरे रिकॉर्ड तक पहुंच: जांच टीम को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन से लेकर अब तक के सभी वित्तीय दस्तावेजों और ऑडिट रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच करने की छूट होगी।
नई SIT का नेतृत्व और गिरफ्तारियां
IPS अधिकारियों के हाथ में कमान: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुनर्गठित इस 3-सदस्यीय हाई-प्रोफाइल टीम का नेतृत्व आईजी किरण एस. कर रहे हैं। उनके साथ अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी गौरव ग्रोवर शामिल हैं।
8 आरोपी जेल में: मंदिर के पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर में कैश काउंटिंग (पैसे गिनने) के प्रभारी सहित सभी 8 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ा दी है।
ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: इस वित्तीय गड़बड़ी और चोरी के सामने आने के बाद पिछले महीने ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
जांच का मुख्य फोकस
शुरुआती जांच में सामने आया था कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की गिनती के दौरान ही रकम गायब की जा रही थी। अब वित्तीय विशेषज्ञों (CA) के आने के बाद, बैंक के चेस्ट रूम के नियमों की अनदेखी और शुरुआत से लेकर अब तक के सभी बड़े व छोटे डिजिटल और कैश ट्रांजैक्शन का फॉरेंसिक मिलान किया जाएगा। याचिकाओं में यह भी मांग की गई है कि पारदर्शिता के लिए सभी दान रसीदों को ऑनलाइन अपलोड किया जाए।




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