पुनर्विकास लगभग ₹25 करोड़ की लागत से
यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए एक 12 मीटर चौड़ा मुख्य फुट ओवर ब्रिज
अतिरिक्त 6 मीटर चौड़ा ब्रिज
स्टेशन की नई इमारत का डिज़ाइन प्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर (पनकी धाम) की थीम पर
कानपुर के पनकी धाम रेलवे स्टेशन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअली उद्घाटन किया। यह स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किया गया है।
इस विकास कार्य से जुड़े कुछ और मुख्य बिंदु और विशेषताएं नीचे दी गई हैं:
इस विकास कार्य से जुड़े कुछ और मुख्य बिंदु और विशेषताएं नीचे दी गई हैं:
स्टेशन की प्रमुख विशेषताएं और बुनियादी ढांचा
लागत और निर्माण: इस स्टेशन का पुनर्विकास लगभग ₹25 करोड़ की लागत से किया गया है।
सांस्कृतिक थीम: स्टेशन की नई इमारत का डिज़ाइन प्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर (पनकी धाम) की थीम पर आधारित है, जिसमें सुंदर कलाकृतियाँ और मूर्तियाँ शामिल हैं।
फुट ओवर ब्रिज: यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए एक 12 मीटर चौड़ा मुख्य फुट ओवर ब्रिज और एक अतिरिक्त 6 मीटर चौड़ा ब्रिज बनाया गया है।
सुरक्षा तकनीक: इस रूट (टुंडला से पनकी धाम) को भारतीय रेलवे के ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम 'कवच 4.0' से लैस किया गया है।
यात्रियों के लिए प्रीमियम सुविधाएं लाउंज और रेस्टींग रूम: स्टेशन पर अब एक एक्जीक्यूटिव लाउंज, वीआईपी लाउंज और आधुनिक रिटायरिंग रूम की सुविधा मिलेगी। विशाल पार्किंग एरिया: करीब 4,500 वर्गमीटर क्षेत्र में आधुनिक सर्कुलेटिंग एरिया, ग्रीन बेल्ट और वाहनों के लिए बड़ी पार्किंग बनाई गई है। दिव्यांगजनों के लिए सुगम मार्ग: व्हीलचेयर और बुजुर्गों के लिए 20 फीट चौड़ा रैंप और बाधा रहित रास्ते तैयार किए गए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों को फायदा ट्रेनों का ठहराव: वर्तमान में यहाँ श्रमशक्ति और गोमती एक्सप्रेस सहित 16 ट्रेनें रुकती हैं, जिसे बढ़ाकर अब 30 से अधिक ट्रेनों तक करने की तैयारी है। यात्री भार में कमी: इसे एक टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे कानपुर सेंट्रल और गोविंदपुरी स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ काफी कम होगी। श्रद्धालुओं को आसानी: देश भर से पंचमुखी हनुमान मंदिर आने वाले भक्तों को अब सीधे और विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले स्टेशन की कनेक्टिविटी मिल सकेगी। निश्चित रूप से, भारतीय रेलवे का यह कदम कानपुर के औद्योगिक और धार्मिक पर्यटन दोनों को नई ऊंचाई देगा।
नई सुविधाएँ
सांस्कृतिक थीम: स्टेशन की नई इमारत का डिज़ाइन प्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर (पनकी धाम) की थीम पर आधारित है, जिसमें सुंदर कलाकृतियाँ और मूर्तियाँ शामिल हैं।
फुट ओवर ब्रिज: यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए एक 12 मीटर चौड़ा मुख्य फुट ओवर ब्रिज और एक अतिरिक्त 6 मीटर चौड़ा ब्रिज बनाया गया है।
सुरक्षा तकनीक: इस रूट (टुंडला से पनकी धाम) को भारतीय रेलवे के ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम 'कवच 4.0' से लैस किया गया है।
यात्रियों के लिए प्रीमियम सुविधाएं लाउंज और रेस्टींग रूम: स्टेशन पर अब एक एक्जीक्यूटिव लाउंज, वीआईपी लाउंज और आधुनिक रिटायरिंग रूम की सुविधा मिलेगी। विशाल पार्किंग एरिया: करीब 4,500 वर्गमीटर क्षेत्र में आधुनिक सर्कुलेटिंग एरिया, ग्रीन बेल्ट और वाहनों के लिए बड़ी पार्किंग बनाई गई है। दिव्यांगजनों के लिए सुगम मार्ग: व्हीलचेयर और बुजुर्गों के लिए 20 फीट चौड़ा रैंप और बाधा रहित रास्ते तैयार किए गए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों को फायदा ट्रेनों का ठहराव: वर्तमान में यहाँ श्रमशक्ति और गोमती एक्सप्रेस सहित 16 ट्रेनें रुकती हैं, जिसे बढ़ाकर अब 30 से अधिक ट्रेनों तक करने की तैयारी है। यात्री भार में कमी: इसे एक टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे कानपुर सेंट्रल और गोविंदपुरी स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ काफी कम होगी। श्रद्धालुओं को आसानी: देश भर से पंचमुखी हनुमान मंदिर आने वाले भक्तों को अब सीधे और विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले स्टेशन की कनेक्टिविटी मिल सकेगी। निश्चित रूप से, भारतीय रेलवे का यह कदम कानपुर के औद्योगिक और धार्मिक पर्यटन दोनों को नई ऊंचाई देगा।
नई सुविधाएँ
- नया आधुनिक वेटिंग हॉलदिव्यांगजनों के लिए रैंप और सुलभ सुविधाएँ
- बेहतर लाइटिंग और यात्री सुविधाएँ (टिकटिंग, पार्सल, आदि)
- बेहतर सौंदर्यीकरण और यात्री अनुभव
- इस पुनर्विकास से कानपुर सेंट्रल और गोविंदपुरी स्टेशनों पर यात्री बोझ कम होने की उम्मीद है। लोकार्पण के बाद यहां लगभग 30 ट्रेनों का ठहराव होने वाला है, जिससे स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी।रेलवे का आधुनिकीकरण जारी है
- स्टेशनों को एयरपोर्ट जैसा रूप देने की दिशा में यह एक और कदम है। यात्री सुविधा, पहुंच और सौंदर्य पर फोकस अच्छा है।




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