थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण ” थी
ज्ञान, श्रम बाजार की नीतियों, कौशल विकास और श्रमिकों के कल्याण तंत्र को मजबूत करनेकानपुर: जुलाई 16, 2026
हैदराबाद:जुलाई 16, 2026
हैदराबाद में लेबर मिनिस्टर्स की मीटिंगहुई, जिसमें महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी और गिग इकॉनमी की सुरक्षा पर फोकस किया गयाहैदराबाद में आयोजित 12वीं ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और गिग व प्लेटफॉर्म श्रमिकों के हितों की रक्षा करने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।भारत की अध्यक्षता में 15-16 जुलाई 2026 को आयोजित इस दो दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की। इस वर्ष की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण ” रखी गई थी।बैठक के मुख्य फोकस और प्राथमिकताएंइस बैठक में मुख्य रूप से चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की गई और आम सहमति से एक प्रगतिशील घोषणापत्र अपनाया गया:महिलाओं की भागीदारी और समावेशन: वैश्विक कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें समान अवसर देने की रणनीतियों पर विशेष जोर दिया गया।गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की सुरक्षा: डिजिटल तकनीक का लाभ उठाकर गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स सहित सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षात्मक लाभ प्रदान करने पर सहमति बनी।श्रम बाजारों का औपचारिकीकरण: सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनौपचारिक श्रम बाजारों को औपचारिक रूप देने पर चर्चा हुई।कौशला विकास और मानचित्रण: उभरती वैश्विक तकनीकी वास्तविकताओं के अनुसार श्रमिकों की रोजगार क्षमता बढ़ाने, उनके कौशल की मैपिंग और रीस्किलिंग पर सहयोग को मजबूत किया गया। पहल की शुरुआतइस बैठक की एक और बड़ी उपलब्धि भारत द्वारा प्रस्तावित पहल की शुरुआत रही। यह एक सहयोगात्मक मंच है जो ब्रिक्स देशों के बीच ज्ञान साझा करने, श्रम बाजार की नीतियों, कौशल विकास और श्रमिकों के कल्याण से जुड़े अनुभवों को आपस में साझा करने के तंत्र को मजबूत करेगा।
महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी
BRICS देशों ने माना कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना सतत विकास और सामाजिक समानता के लिए ज़रूरी है।
चर्चा में स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स, सुरक्षित कार्यस्थल, और मातृत्व लाभों को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया गया।
भारत ने विशेष रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने की रणनीतियाँ साझा कीं।
गिग इकॉनमी की सुरक्षा
गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी, कैब ड्राइविंग, फ्रीलांसिंग) की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनकी सोशल सिक्योरिटी, हेल्थ बेनिफिट्स और न्यूनतम वेतन पर चर्चा हुई।
सुझाव दिया गया कि BRICS देशों को मिलकर गिग वर्कर्स के लिए एक साझा फ्रेमवर्क तैयार करना चाहिए।
भारत ने अपने ई-श्रम पोर्टल और डिजिटल रजिस्ट्रेशन मॉडल को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
हैदराबाद में लेबर मिनिस्टर्स की मीटिंगहुई, जिसमें महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी और गिग इकॉनमी की सुरक्षा पर फोकस किया गयाहैदराबाद में आयोजित 12वीं ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और गिग व प्लेटफॉर्म श्रमिकों के हितों की रक्षा करने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।भारत की अध्यक्षता में 15-16 जुलाई 2026 को आयोजित इस दो दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की। इस वर्ष की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण ” रखी गई थी।बैठक के मुख्य फोकस और प्राथमिकताएंइस बैठक में मुख्य रूप से चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की गई और आम सहमति से एक प्रगतिशील घोषणापत्र अपनाया गया:महिलाओं की भागीदारी और समावेशन: वैश्विक कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें समान अवसर देने की रणनीतियों पर विशेष जोर दिया गया।गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की सुरक्षा: डिजिटल तकनीक का लाभ उठाकर गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स सहित सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षात्मक लाभ प्रदान करने पर सहमति बनी।श्रम बाजारों का औपचारिकीकरण: सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनौपचारिक श्रम बाजारों को औपचारिक रूप देने पर चर्चा हुई।कौशला विकास और मानचित्रण: उभरती वैश्विक तकनीकी वास्तविकताओं के अनुसार श्रमिकों की रोजगार क्षमता बढ़ाने, उनके कौशल की मैपिंग और रीस्किलिंग पर सहयोग को मजबूत किया गया। पहल की शुरुआतइस बैठक की एक और बड़ी उपलब्धि भारत द्वारा प्रस्तावित पहल की शुरुआत रही। यह एक सहयोगात्मक मंच है जो ब्रिक्स देशों के बीच ज्ञान साझा करने, श्रम बाजार की नीतियों, कौशल विकास और श्रमिकों के कल्याण से जुड़े अनुभवों को आपस में साझा करने के तंत्र को मजबूत करेगा।
महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी
BRICS देशों ने माना कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना सतत विकास और सामाजिक समानता के लिए ज़रूरी है।
चर्चा में स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स, सुरक्षित कार्यस्थल, और मातृत्व लाभों को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया गया।
भारत ने विशेष रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने की रणनीतियाँ साझा कीं।
गिग इकॉनमी की सुरक्षा
गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी, कैब ड्राइविंग, फ्रीलांसिंग) की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनकी सोशल सिक्योरिटी, हेल्थ बेनिफिट्स और न्यूनतम वेतन पर चर्चा हुई।
सुझाव दिया गया कि BRICS देशों को मिलकर गिग वर्कर्स के लिए एक साझा फ्रेमवर्क तैयार करना चाहिए।
भारत ने अपने ई-श्रम पोर्टल और डिजिटल रजिस्ट्रेशन मॉडल को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।




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