न्याय और लोकतंत्र की लड़ाई
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल संवेदना व्यक्त कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग के लिए जा रहा था
काशी टोल पर घंटों रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघनसोशल मीडिया पोस्ट से:
इमरान मसूद · 7 घंटे
मेरठ की पीड़िता से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को टोल प्लाजा पर रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम जी, सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद जी, अमेठी से सांसद किशोरी लाल शर्मा जी, बाराबंकी के पूर्व सांसद पी. एल. पुनिया जी, उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी प्रदीप नरवाल जी तथा अन्य वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल थे, मेरठ में दुष्कर्म पीड़िता बच्ची एवं उसके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानने और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने के उद्देश्य से जा रहा था।
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार से मिलने और उनका पक्ष जानने का अधिकार है। ऐसे समय में प्रशासन का दायित्व न्याय प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं संवेदनशील बनाए रखना है, ताकि पीड़ित परिवार का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में बना रहे।
कांग्रेस पार्टी पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने
pihu jat, भारत 23 घंटे
ललिता गौतम को न्याय दिलाने के लिए भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर आजाद रावण की बम्फर इंट्री से ssp अभिनाश पाण्डेय की फट गई,
ललिता गौतम,
बहन को न्याय दो यही हमारी मांग है
जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा संघर्ष जारी रहेगा।
हम मेरठ में डटे हैं आवाज़ दबने नहीं देंगे।
आओ मिलकर न्याय की इस लड़ाई को मजबूत बनाएं।
संघर्ष हमारा जारी है,
Indian National Congress - Uttar Pradesh 16 मिनट
मेरठ की बेटी ललिता गौतम की निर्मम हत्या के बाद जब कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा, तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए तमाम बहाने बनाए। लेकिन प्रतिनिधिमंडल ने साफ कर दिया कि हम कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही बात कर रहे हैं, फिर हमें पीड़ित परिवार से मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा?
देखिए, कैसे जनता के प्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने से रोकने के लिए प्रशासन 'कानून व्यवस्था' की आड़ ले रहा है, जबकि असली अपराधियों पर कार्रवाई करने में इनके हाथ कांपते हैं।
तानाशाही के इस दौर में कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता, संविधान की प्रति हाथ में लिए जनता के हक और न्याय के लिए अडिग खड़ा है।
सरकार याद रखे कि वह न्याय की इस आवाज को दबा नहीं सकती!
Indian National Congress - Uttar Pradesh 7 घंटे·
मेरठ की बेटी ललिता गौतम की निर्मम हत्या के खिलाफ जब न्याय की मांग की गई, तो यूपी पुलिस के एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों पर थप्पड़ बरसाए। और आज, जब कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने और न्याय की आवाज बुलंद करने जा रहा था, तो उन्हें फिर से रोक दिया गया!
घंटों तक मेरठ के काशी टोल पर रोककर विपक्ष की आवाज को दबाने का कायराना प्रयास किया गया। प्रभारी, उत्तर प्रदेश श्री राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Gautam MLA) जी के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल में मा. सांसद गण श्री इमरान मसूद (Imran Masood) जी, श्री किशोरी लाल शर्मा (Kishori Lal Sharma) जी, श्री तनुज पुनिया (Tanuj Punia) जी, मा. राज्यसभा सांसद श्री कर्मवीर बौद्ध जी, राष्ट्रीय सचिव श्री प्रदीप नरवाल (Pradeep Narwal) जी एवं मा. विधायक श्री वीरेंद्र चौधरी (Virendra Chaudhary Congress) जी शामिल थे।
क्या उत्तर प्रदेश में अब न्याय की मांग उठाना अपराध बन चुका है? क्या किसी दुखी परिवार से संवेदना व्यक्त करना भी अब सत्ता की पर्ची और अनुमति पर निर्भर करेगा?
लोकतंत्र में पीड़ित परिवार से मिलना, उनकी पीड़ा सुनना और उनके हक की लड़ाई लड़ना हर जनप्रतिनिधि का नैतिक दायित्व है। बैरिकेड्स के दम पर सच को दबाया नहीं जा सकता।
कांग्रेस पार्टी ललिता गौतम के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
Kishori Lal Sharma 47 मिनट
मेरठ की बेटी ललिता गौतम को न्याय दिलाने की लड़ाई एक परिवार की नहीं, बल्कि न्याय और लोकतंत्र की लड़ाई है।
आज कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग के लिए मेरठ जा रहा था, लेकिन काशी टोल पर घंटों रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन किया गया। क्या अब उत्तर प्रदेश में पीड़ित परिवार से मिलना भी अपराध है? क्या न्याय की मांग करने वालों की आवाज को बैरिकेड्स लगाकर दबाया जाएगा?
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों का दायित्व पीड़ितों के साथ खड़ा होना और उनकी न्याय की लड़ाई को आवाज देना है। रास्ते रोके जा सकते हैं, लेकिन न्याय की मांग को नहीं।
हम ललिता गौतम के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। हमारी स्पष्ट मांग है कि ललिता गौतम को शीघ्र न्याय मिले और दोषियों को कठोर से कठोर सजा दी जाए।
आज के प्रतिनिधिमंडल में उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आदरणीय राजेंद्र पाल गौतम जी, सांसद इमरान मसूद जी, सांसद तनुज पुनिया जी, राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध जी, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल जी एवं विधायक वीरेंद्र चौधरी जी शामिल रहे।
27 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना इसी न्याय की मांग को बुलंद करेगा। न्याय की यह लड़ाई जारी रहेगी
Ajay Rai 4 दिन ·
मेरठ की दुखद घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। स्व- ललिता गौतम जी की निर्मम हत्या पर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।
कल जब पीड़ित परिवार और उनके समर्थक DM कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे थे, तो योगी जी की पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा वैन के भीतर घुसकर महिलाओं और युवाओं को पीटना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। कहाँ गई आपकी “बेटी बचाओ” “बेटी-पढ़ाओ” की बड़ी-बड़ी बातें?
कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ पूरी ताकत से खड़ी है। हम स्व- ललिता जी के परिवार को तत्काल सुरक्षा और न्याय देने की मांग करते हैं, साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यदि इस मामले पर तुरंत एक्शन नहीं लिया गया, तो कांग्रेस पार्टी इस दमनकारी और दूषित मानसिकता के खिलाफ पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। न्याय की इस लड़ाई में हम पीछे नहीं हटेंगे।
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल संवेदना व्यक्त कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग के लिए जा रहा था
काशी टोल पर घंटों रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघनसोशल मीडिया पोस्ट से:
इमरान मसूद · 7 घंटे
मेरठ की पीड़िता से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को टोल प्लाजा पर रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम जी, सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद जी, अमेठी से सांसद किशोरी लाल शर्मा जी, बाराबंकी के पूर्व सांसद पी. एल. पुनिया जी, उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी प्रदीप नरवाल जी तथा अन्य वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल थे, मेरठ में दुष्कर्म पीड़िता बच्ची एवं उसके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानने और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने के उद्देश्य से जा रहा था।
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार से मिलने और उनका पक्ष जानने का अधिकार है। ऐसे समय में प्रशासन का दायित्व न्याय प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं संवेदनशील बनाए रखना है, ताकि पीड़ित परिवार का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में बना रहे।
कांग्रेस पार्टी पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने
pihu jat, भारत 23 घंटे
ललिता गौतम को न्याय दिलाने के लिए भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर आजाद रावण की बम्फर इंट्री से ssp अभिनाश पाण्डेय की फट गई,
ललिता गौतम,बहन को न्याय दो यही हमारी मांग है
जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा संघर्ष जारी रहेगा।
हम मेरठ में डटे हैं आवाज़ दबने नहीं देंगे।
आओ मिलकर न्याय की इस लड़ाई को मजबूत बनाएं।
संघर्ष हमारा जारी है,
Indian National Congress - Uttar Pradesh 16 मिनट
मेरठ की बेटी ललिता गौतम की निर्मम हत्या के बाद जब कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा, तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए तमाम बहाने बनाए। लेकिन प्रतिनिधिमंडल ने साफ कर दिया कि हम कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही बात कर रहे हैं, फिर हमें पीड़ित परिवार से मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा?
देखिए, कैसे जनता के प्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने से रोकने के लिए प्रशासन 'कानून व्यवस्था' की आड़ ले रहा है, जबकि असली अपराधियों पर कार्रवाई करने में इनके हाथ कांपते हैं।
तानाशाही के इस दौर में कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता, संविधान की प्रति हाथ में लिए जनता के हक और न्याय के लिए अडिग खड़ा है।
सरकार याद रखे कि वह न्याय की इस आवाज को दबा नहीं सकती!
Indian National Congress - Uttar Pradesh 7 घंटे·
मेरठ की बेटी ललिता गौतम की निर्मम हत्या के खिलाफ जब न्याय की मांग की गई, तो यूपी पुलिस के एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों पर थप्पड़ बरसाए। और आज, जब कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने और न्याय की आवाज बुलंद करने जा रहा था, तो उन्हें फिर से रोक दिया गया!
घंटों तक मेरठ के काशी टोल पर रोककर विपक्ष की आवाज को दबाने का कायराना प्रयास किया गया। प्रभारी, उत्तर प्रदेश श्री राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Gautam MLA) जी के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल में मा. सांसद गण श्री इमरान मसूद (Imran Masood) जी, श्री किशोरी लाल शर्मा (Kishori Lal Sharma) जी, श्री तनुज पुनिया (Tanuj Punia) जी, मा. राज्यसभा सांसद श्री कर्मवीर बौद्ध जी, राष्ट्रीय सचिव श्री प्रदीप नरवाल (Pradeep Narwal) जी एवं मा. विधायक श्री वीरेंद्र चौधरी (Virendra Chaudhary Congress) जी शामिल थे।
क्या उत्तर प्रदेश में अब न्याय की मांग उठाना अपराध बन चुका है? क्या किसी दुखी परिवार से संवेदना व्यक्त करना भी अब सत्ता की पर्ची और अनुमति पर निर्भर करेगा?
लोकतंत्र में पीड़ित परिवार से मिलना, उनकी पीड़ा सुनना और उनके हक की लड़ाई लड़ना हर जनप्रतिनिधि का नैतिक दायित्व है। बैरिकेड्स के दम पर सच को दबाया नहीं जा सकता।
कांग्रेस पार्टी ललिता गौतम के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
Kishori Lal Sharma 47 मिनट
मेरठ की बेटी ललिता गौतम को न्याय दिलाने की लड़ाई एक परिवार की नहीं, बल्कि न्याय और लोकतंत्र की लड़ाई है।
आज कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग के लिए मेरठ जा रहा था, लेकिन काशी टोल पर घंटों रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन किया गया। क्या अब उत्तर प्रदेश में पीड़ित परिवार से मिलना भी अपराध है? क्या न्याय की मांग करने वालों की आवाज को बैरिकेड्स लगाकर दबाया जाएगा?
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों का दायित्व पीड़ितों के साथ खड़ा होना और उनकी न्याय की लड़ाई को आवाज देना है। रास्ते रोके जा सकते हैं, लेकिन न्याय की मांग को नहीं।
हम ललिता गौतम के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। हमारी स्पष्ट मांग है कि ललिता गौतम को शीघ्र न्याय मिले और दोषियों को कठोर से कठोर सजा दी जाए।
आज के प्रतिनिधिमंडल में उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आदरणीय राजेंद्र पाल गौतम जी, सांसद इमरान मसूद जी, सांसद तनुज पुनिया जी, राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध जी, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल जी एवं विधायक वीरेंद्र चौधरी जी शामिल रहे।
27 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना इसी न्याय की मांग को बुलंद करेगा। न्याय की यह लड़ाई जारी रहेगी
Ajay Rai 4 दिन ·
मेरठ की दुखद घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। स्व- ललिता गौतम जी की निर्मम हत्या पर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।
कल जब पीड़ित परिवार और उनके समर्थक DM कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे थे, तो योगी जी की पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा वैन के भीतर घुसकर महिलाओं और युवाओं को पीटना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। कहाँ गई आपकी “बेटी बचाओ” “बेटी-पढ़ाओ” की बड़ी-बड़ी बातें?
कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ पूरी ताकत से खड़ी है। हम स्व- ललिता जी के परिवार को तत्काल सुरक्षा और न्याय देने की मांग करते हैं, साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यदि इस मामले पर तुरंत एक्शन नहीं लिया गया, तो कांग्रेस पार्टी इस दमनकारी और दूषित मानसिकता के खिलाफ पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। न्याय की इस लड़ाई में हम पीछे नहीं हटेंगे।




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