विपक्ष मामले को “भ्रष्टाचार और आस्था से खिलवाड़” बता रहा है
ट्रस्ट ने सहयोग का आश्वासन दिया है
6 जुलाई को अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की एक अहम बैठककानपुर: 5 जुलाई 2026
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच अपडेट
मुख्य कार्रवाई: आरोपी अविनाश शुक्ला की Maruti Brezza कार जब्त की गई।
जांच का दायरा:
बैंक लेनदेन की गहन पड़ताल।
ट्रस्ट की भूमि खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच।
आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट खंगाली जा रही है।
प्रमुख नामों पर नजर: ट्रस्ट महासचिव चंपत राय सहित अन्य पदाधिकारियों की संपत्ति विवरण SIT ने देखना शुरू किया है।
राजनीतिक असर: विपक्ष इस मामले को “भ्रष्टाचार और आस्था से खिलवाड़” बता रहा है, जबकि ट्रस्ट ने सहयोग का आश्वासन दिया है।
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच बहुत तेज हो गई है. इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT को 15 दिनों का अतिरिक्त समय (विस्तार) दिया है ताकि वे जांच का दायरा बढ़ाकर सभी वित्तीय पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर सकें.
SIT जांच से जुड़े अब तक के सबसे मुख्य अपडेट और खुलासे नीचे दिए गए हैं:
🚨 SIT जांच के मुख्य खुलासे और अपडेटबाथरूम में छिपाते थे कैश: CCTV फुटेज की समीक्षा से पता चला है कि पिछले दो महीनों में करीब 70 बार चोरी को अंजाम दिया गया. आरोपी दानपात्र से पैसे चुराकर पहले मंदिर परिसर के बाथरूम में छिपाते थे और बाद में उसे बाहर ले जाकर आपस में बांट लेते थे.
रोजाना लाखों की चोरी की आशंका: शुरुआती जांच के अनुसार, मंदिर से हर रोज 6 से 8 लाख रुपये गायब किए जा रहे थे. कुल घोटाला 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का होने का अनुमान लगाया जा रहा है.
अचानक बढ़ी संपत्ति: जिन कर्मचारियों की सैलरी महज 14,000 से 15,000 रुपये थी, उन्होंने पिछले कुछ महीनों में अयोध्या में 40 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक के प्लॉट खरीदे हैं.
बैंक अधिकारियों की मिलीभगत: SIT को इस रैकेट में कुछ बैंक कर्मियों की मिलीभगत के संकेत मिले हैं. इस संबंध में SBI मैनेजर समेत 10 बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है और लेनदेन के रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं.
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SIT ने अपनी जांच के दूसरे चरण में चंदा चोरी से आगे बढ़कर ट्रस्ट के कामकाज और प्रशासनिक भूमिका की जांच शुरू कर दी है: चंपत राय से पूछताछ: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पुलिस और SIT ने करीब 3 घंटे तक पूछताछ की और उनका विटनेस (गवाह) बयान दर्ज किया. चंपत राय ने इस मामले में खुद की किसी भी भूमिका से इनकार किया है.
अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ: ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव से राम जन्मभूमि परिसर के अंदर लगभग 6 से 8 घंटे तक मैराथन पूछताछ की गई है.
अहम दस्तावेज जब्त: जांच टीम ने ट्रस्ट के दफ्तरों से भूमि खरीद, कर्मचारियों की नियुक्ति, और आंतरिक ऑडिट से जुड़े कई महत्वपूर्ण बैंक और वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं.
🔒 अब तक की कानूनी कार्रवाई8 लोगों पर एफआईआर: ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या थाने में 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
मुख्य आरोपी: एफआईआर में मुख्य रूप से अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू (ड्राइवर), करुणेश पांडेय, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव का नाम शामिल है. इनमें से ज्यादातर कैशियर या चढ़ावे की गिनती करने वाले स्टाफ थे.
14 दिनों की न्यायिक हिरासत: अयोध्या कोर्ट ने पकड़े गए आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को कस्टडी में लेकर पुलिस और SIT लगातार पूछताछ कर रही है.
140 लोगों के बयान: पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए सुरक्षा गार्डों और अन्य संदिग्धों सहित करीब 140 लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में है.
आगे की कार्यवाही
SIT अब पिछले 5 सालों के खातों का ऑडिट करने की तैयारी में है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह हेरफेर कब से चल रहा था. इस बीच, 6 जुलाई को अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें SIT की अंतरिम रिपोर्ट और मौजूदा स्थिति पर चर्चा के साथ कुछ बड़े संगठनात्मक फैसले (जैसे इस्तीफे) लिए जा सकते हैं.




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