दलित छात्रा के मर्डर पर मेरठ में धरना-प्रदर्शन कर रहे आम लोगों पर एसएसपी टूट पड़े
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर नरोत्तम मिश्रा और बीजेपी से जुड़े सैकड़ों समर्थकों ने बवाल और हिंसा फैलायी.20 किलोमीटर तक जाम लग गया।सिपाही से लेकर कई बड़े अफसर पत्थरों से घायल
किसी पर लाठी तक नहीं फटकारी
डीएम स्वप्निल वानखेड़े खुश लाठियां मारने की ज़रूरत नहीं पड़ी: आंसू गैस से काम हो गया.ऊषा रानी कोरी 1 घंटे
फर्क देखिए. मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम का रेप मर्डर हुआ. लोग गुस्से में धरने पर बैठे. SSP अविनाश पांडेय उबल पड़े. खुद हाथापाई की. अब दतिया आइए. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर नरोत्तम मिश्रा और बीजेपी से जुड़े सैकड़ों समर्थकों ने बवाल और हिंसा फैलायी.
20 किलोमीटर तक जाम लग गया. सिपाही से लेकर कई बड़े अफसर पत्थरों से घायल हुए. लेकिन किसी पर लाठी तक नहीं फटकारी गई. दतिया के डीएम स्वप्निल वानखेड़े खुश हैं. बोले- मुझे ख़ुशी है कि किसी को लाठियां मारने की ज़रूरत नहीं पड़ी. सिर्फ आंसू गैस से काम हो गया.
दलित छात्रा के मर्डर पर मेरठ में धरना-प्रदर्शन कर रहे आम लोगों पर एसएसपी टूट पड़े। पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जबकि वहां न तो पत्थर चले, न कोई वहां जलाने की कोशिश.
दूसरी तरफ अपने हारे हुए नेता का टिकट कटने पर दतिया शहर में कोहराम मचाने वाले बीजेपी के लोगों पर पुलिस प्रशासन ठीक से गुस्सा तक नहीं हो पाया. डीएम ने ख़ुशी तक जता दी कि लाठियां नहीं चलानी पड़ी. जबकि नरोत्तम के समर्थकों ने कई अफसरों के सिर फोड़ दिए.
यही फर्क है. ये फर्क क्यों है, ये भी समझिए.




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