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IIT बॉम्बे ग्रेजुएट की कहानी पूरी तरह से फर्जी और काल्पनिक

दावा माता-पिता की देखभाल के लिए अमेरिका के $240,000 (लगभग ₹2.9 करोड़) का पैकेज छोड़ दिया
गृहनगर कानपुर में किराने की दुकान चला रहा है。
पोस्ट में विवेक के नाम पर जिस व्यक्ति की तस्वीर , वह वास्तव में पश्चिम बंगाल का यूट्यूबर
किराना दुकानदार 'सुमित गोराई' की
कानपुर: 6 जुलाई 2026
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुई 'विवेक शर्मा' नामक IIT बॉम्बे ग्रेजुएट की कहानी पूरी तरह से फर्जी और काल्पनिक निकली。दावा किया गया था कि उसने माता-पिता की देखभाल के लिए अमेरिका के $240,000 (लगभग ₹2.9 करोड़) का पैकेज छोड़ दिया और अपने गृहनगर कानपुर में किराने की दुकान चला रहा है。
ऑनलाइन दावों का पर्दाफाश कहानी की सच्चाई : असली विवेक शर्मा: जब यह पोस्ट वायरल हुई, तो असली विवेक शर्मा ने खुद आगे आकर लिंक्डइन (LinkedIn) पर पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि उनका इस मनगढ़ंत कहानी से कोई लेना-देना नहीं है。
तस्वीर की सच्चाई: वायरल पोस्ट में विवेक के नाम पर जिस व्यक्ति की तस्वीर इस्तेमाल की जा रही थी, वह वास्तव में पश्चिम बंगाल के एक यूट्यूबर और किराना दुकानदार 'सुमित गोराई' की है。
एआई (AI) जनित चित्र: पोस्ट के साथ शेयर की गई दुकान की कुछ तस्वीरों को इंटरनेट यूज़र्स और फैक्ट-चेकर्स ने एआई (AI) जनित बताया और तस्वीरों में अवास्तविक पैकेजिंग (जैसे न्यूट्रेला के डिब्बों का आकार) का हवाला दिया。
Hindustan Times की जांच में यह साफ हो गया है कि IIT बॉम्बे के रिकॉर्ड में इस नाम का कोई छात्र नहीं है और यह कहानी पूरी तरह बनावटी है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इंटरनेट जांच में यह भी सामने आया कि लिंक्डइन पर इसी तरह की कहानी पहले भी पोस्ट की गई थी, जिसमें अंत में 'काल्पनिक कहानी'होने का डिस्क्लेमर लगा हुआ था。
लाइक्स और एंगेजमेंट पाने के लिए पुराने प्लेटफॉर्म्स पर चल रही काल्पनिक कहानियों को नए नाम और तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर फैलाया गया。

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