'आयुर्वेद का अमृत' माने जाने वाले मौलश्री के पौधे लगाकर इस अभियान का आगाज़
महा-अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग सहित कुल 26 सरकारी विभागों को जिम्मेदारी
'अविरल धारा पौधारोपण कार्यक्रम': 13 प्रमुख नदियों के किनारों पर 3.83 करोड़ से अधिक पौधे
एक्सप्रेसवे पर वृक्षारोपण: 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधे
लखनऊ: 12 जुलाई 2026
कानपुर: 12 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश में आज, 12 जुलाई 2026, को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नया इतिहास रचते हुए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 35 करोड़ पौधे लगाने का महा-अभियान सफलतापूर्वक शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री ने खुद गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास नीम, पीपल और बरगद के पौधे रोपकर इस विशाल ग्रीन उत्सव की शुरुआत की है.
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत कानपुर में भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण महाअभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अपनी मां को सम्मान देना है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस मेगा प्लान के तहत कानपुर मंडल और जिले में लाखों पौधे लगाने और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया जा रहा है।
इस महारिकॉर्ड और वृक्षारोपण महाकुंभ से जुड़ी मुख्य और विशेष बातें निम्नलिखित हैं:
अभियान की मुख्य विशेषताएं मौलश्री का पौधा: सीएम ने गोरखपुर में विशेष रूप से 'आयुर्वेद का अमृत' माने जाने वाले मौलश्री (और त्रिवेणी - नीम, पीपल, बरगद) के पौधे लगाकर इस अभियान का आगाज़ किया.
फलदार और छायादार: आम, जामुन, करौंदा, कटहल और अमरूद जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जा रहे हैं
विशाल नेटवर्क: इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग सहित कुल 26 सरकारी विभागों को जिम्मेदारी दी गई है.
नदियों के किनारे हरियाली: 'अविरल धारा पौधारोपण कार्यक्रम' के तहत प्रदेश की 13 प्रमुख नदियों के किनारों पर 3.83 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं, जिसमें अकेले यमुना नदी के किनारे 1.08 करोड़ पौधे शामिल हैं.
एक्सप्रेसवे पर वृक्षारोपण: 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधे लगाने का विशेष लक्ष्य रखा गया है.
प्रमुख रोपण स्थल और सहभागिता
गंगा बैराज से मंधना रोड: इस मार्ग के दोनों ओर मुख्य आकर्षण के रूप में अमलतास के पौधे लगाए जा रहे हैं।
सरकारी एवं शैक्षिक संस्थान: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), केन्द्रीय विद्यालय रक्षा विहार, और एस.जे. महाविद्यालय रमईपुर जैसे परिसरों में 'मातृ वाटिका' बनाकर व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासनिक परिसर: कानपुर देहात पुलिस लाइन, सभी थानों और चौकियों में फलदार व छायादार पौधे लगाए जा रहे हैं।




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