परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में 25 जुलाई को 'बिहार बंद' और छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार
हत्या के प्रयास (BNS की धारा 109) सहित 12 से अधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी
भाई और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया था
हत्या के प्रयास (BNS की धारा 109) सहित 12 से अधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी
भाई और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया था
कानपुर: 28 जुलाई 2026
पटना: 28 जुलाई 2026
तेज प्रताप यादव को पटना के बेऊर केंद्रीय कारागार से मंगलवार (28 जुलाई 2026) की शाम रिहा कर दिया गया है। वे नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 25 जुलाई को बुलाए गए 'बिहार बंद' और छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुए थे। अदालत द्वारा 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद उन्होंने जेल में 3 रातें बिताईं।
रिहाई का मुख्य कारण सरकार का फैसला:
पटना: 28 जुलाई 2026
तेज प्रताप यादव को पटना के बेऊर केंद्रीय कारागार से मंगलवार (28 जुलाई 2026) की शाम रिहा कर दिया गया है। वे नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 25 जुलाई को बुलाए गए 'बिहार बंद' और छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार हुए थे। अदालत द्वारा 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद उन्होंने जेल में 3 रातें बिताईं।
रिहाई का मुख्य कारण सरकार का फैसला:
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने छात्र आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया था।
कानूनी प्रक्रिया: सरकार के इस निर्णय और अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद तेज प्रताप यादव को जमानत मिल गई और उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
गिरफ्तारी की तारीख: पटना पुलिस ने उन्हें 25 जुलाई 2026 की शाम को हिरासत में लिया था।
लगे थे गंभीर आरोप: पुलिस ने उन पर प्रदर्शनकारियों को उकसाने, दंगा भड़काने, सरकारी काम में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। उन पर हत्या के प्रयास (BNS की धारा 109) सहित 12 से अधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
राजनीतिक घमासान: उनके भाई और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया था और सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी थी।
जेल से बाहर आने का दृश्य
मंगलवार शाम जब तेज प्रताप बेऊर जेल से बाहर आए, तो जेल परिसर के बाहर उनके समर्थकों और मीडिया की भारी भीड़ मौजूद थी। समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। हालांकि, तेज प्रताप ने मीडिया के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया; उन्होंने सिर्फ हाथ जोड़कर सबका अभिवादन किया और सीधे अपने कार से आवास के लिए रवाना हो गए।
कानूनी प्रक्रिया: सरकार के इस निर्णय और अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद तेज प्रताप यादव को जमानत मिल गई और उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
गिरफ्तारी की तारीख: पटना पुलिस ने उन्हें 25 जुलाई 2026 की शाम को हिरासत में लिया था।
लगे थे गंभीर आरोप: पुलिस ने उन पर प्रदर्शनकारियों को उकसाने, दंगा भड़काने, सरकारी काम में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। उन पर हत्या के प्रयास (BNS की धारा 109) सहित 12 से अधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
राजनीतिक घमासान: उनके भाई और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया था और सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी थी।
जेल से बाहर आने का दृश्य
मंगलवार शाम जब तेज प्रताप बेऊर जेल से बाहर आए, तो जेल परिसर के बाहर उनके समर्थकों और मीडिया की भारी भीड़ मौजूद थी। समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। हालांकि, तेज प्रताप ने मीडिया के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया; उन्होंने सिर्फ हाथ जोड़कर सबका अभिवादन किया और सीधे अपने कार से आवास के लिए रवाना हो गए।




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