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पिछले सात महीनों में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों से करीब 19 करोड़ रुपये का अवैध सोना जब्त: सुरक्षा एजेंसियां द्वारा उत्तर प्रदेश में लगातार बड़ी कार्रवाइयां

कुछ महीनों में म्यांमार और बांग्लादेश बॉर्डर से लाए गए सोने की बड़ी खेप यूपी के रेलवे स्टेशनों पर पकड़ी गई
तस्कर सोने को पेस्ट फॉर्म बनाकर, कपड़ों के अंदर जेबें बनाकर या शरीर में छिपाकर ले जा रहे थे
मेटल डिटेक्टर और खुफिया इनपुट की मदद से पकड़ा गया।
तस्कर चाहे कोई भी रास्ता अपनाएं, हर बदलते पैंतरे पर नजर रखी जा रही है
लखनऊ: 30 जुलाई 2026
कानपुर: 30 जुलाई 2026
सोना तस्करों द्वारा हवाई मार्ग छोड़कर ट्रेन का रास्ता अपनाने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियां उत्तर प्रदेश में लगातार बड़ी कार्रवाइयां कर रही हैं। पिछले सात महीनों में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों से करीब 19 करोड़ रुपये का अवैध सोना जब्त किया जा चुका है।
तस्करों के इस बदलते पैटर्न और सुरक्षा बलों की चौकसी से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
रूट बदलने का मुख्य कारण सख्त हवाई सुरक्षा: हवाई अड्डों पर स्कैनर और सघन चेकिंग के कारण तस्करों का पकड़ा जाना आसान हो गया था।
भ्रम फैलाने की कोशिश: तस्करों को लगता था कि ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ के बीच वे आसानी से बच निकलेंगे।
नया एंट्री पॉइंट: तस्कर अब मुख्य रूप से उत्तर-पूर्व (North-East) राज्यों या पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में सोना ला रहे हैं और वहां से ट्रेनों के जरिए उत्तर प्रदेश और दिल्ली पहुंच रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की जवाबी कार्रवाईखुफिया नेटवर्क: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और कस्टम विभाग का खुफिया तंत्र अब रेलवे रूटों पर पूरी तरह सक्रिय है।
जीआरपी और आरपीएफ की मुस्तैदी: राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) संदिग्ध यात्रियों पर पैनी नजर रख रहे हैं।
सघन चेकिंग अभियान: पुख्ता जानकारी के आधार पर यूपी के प्रमुख रेलवे स्टेशनों (जैसे दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, लखनऊ, कानपुर) पर ट्रेनों को रोककर छापेमारी की जा रही है।
जब्ती के कुछ बड़े मामले कस्टम और डीआरआई की कार्रवाई:
पिछले कुछ महीनों में म्यांमार और बांग्लादेश बॉर्डर से लाए गए सोने की बड़ी खेप यूपी के रेलवे स्टेशनों पर पकड़ी गई है।
छिपाने के नए तरीके: तस्कर सोने को पेस्ट (पेस्ट फॉर्म) बनाकर, कपड़ों के अंदर विशेष जेबें बनाकर या शरीर में छिपाकर ले जा रहे थे, जिन्हें मेटल डिटेक्टर और खुफिया इनपुट की मदद से पकड़ा गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने साफ कर दिया है कि तस्कर चाहे कोई भी रास्ता अपनाएं, उनके हर बदलते पैंतरे पर नजर रखी जा रही है।

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