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भारत का मोबाइल फोन निर्यात 165 गुना बढ़कर ₹2.59 लाख करोड़ (वित्त वर्ष 2025-26 ) पर

2014-15 में भारत में बिकने वाले 3 में से 2 मोबाइल आयात होते थे।
आज भारत में बिकने वाले 99.2% मोबाइल फोन स्वदेशी
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर लगभग 25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दे रहा है,
महिला कार्यबल की बड़ी हिस्सेदारी है।
कानपुर: 30 जुलाई 2026
नई दिल्ली: 30 जुलाई 2026
भारत सरकार ने संसद में पुष्टि की कि पिछले एक दशक में भारत का मोबाइल फोन निर्यात 165 गुना बढ़कर ₹2.59 लाख करोड़ (वित्त वर्ष 2025-26 तक) पर पहुंच गया है, जो 2014-15 में महज ₹1,500 करोड़ था।
इस शानदार प्रगति से जुड़े मुख्य बिंदु और तुलनात्मक आंकड़े निम्नलिखित हैं:
10 वर्षों में हुआ बड़ा बदलाव (2014-15 बनाम 2025-26)
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है:
क्षेत्र (Sector)क्षेत्र (सेक्टर)वर्ष 2014-15वर्ष 2025-26कुल वृद्धि
मोबाइल फोन निर्यात~ ₹1,500 करोड़~ ₹2.59 लाख करोड़165 गुना
मोबाइल फोन उत्पादन~ ₹18,000 करोड़~ ₹6.27 लाख करोड़33 गुना
कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन~ ₹1.9 लाख करोड़~ ₹13.11 लाख करोड़7 गुना
कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात~ ₹38,000 करोड़~ ₹4.24 लाख करोड़11 गुना
इस ऐतिहासिक उछाल के मुख्य कारणआत्मनिर्भरता में बढ़ोतरी: 2014-15 में भारत में बिकने वाले 3 में से 2 मोबाइल आयात होते थे। आज भारत में बिकने वाले 99.2% मोबाइल फोन स्वदेशी  हैं।
सरकारी योजनाएं: 'मेक इन इंडिया' और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम ने वैश्विक कंपनियों को भारत में प्लांट लगाने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही सरकार ने ₹1.275 लाख करोड़ के बजट के साथ सेमीकॉन 2.0 योजना को भी मंजूरी दी है।
वैश्विक ब्रांड्स का भरोसा: एप्पल (Apple) और सैमसंग (Samsung) जैसी दिग्गज कंपनियां अब चीन के विकल्प के रूप में भारत को अपना प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बना चुकी हैं। भारतीय मोबाइलों के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है।
रोजगार के अवसर: देश का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर वर्तमान में लगभग 25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दे रहा है, जिसमें महिला कार्यबल की बड़ी हिस्सेदारी है।
भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता देश बन चुका है।

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