धारा 409 (IPC) के तहत लोक सेवक द्वारा अमानत में आपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज।
वर्ष 2010 से 2017 के बीच राज्य सरकार से मिले ₹30 करोड़ अनुदान का नियमों के खिलाफ इस्तेमाल
स्टेप-एचबीटीआई विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उद्यमी पार्क की स्थापना 1986 में एचबीटीयू कानपुर: जुलाई 18, 2026
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कानपुर की स्टेप-एचबीटीआई (STEP-HBTI) सोसाइटी में ₹30 करोड़ की भारी वित्तीय अनियमितता मिलने पर आपराधिक जांच शुरू कर दी है। गृह विभाग से मंजूरी मिलने के बाद संस्था से जुड़े दो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है।
मुख्य आरोपी और धाराएं
प्रो. राकेश कुमार त्रिवेदी (संदिग्ध भूमिका)
गोपाल मेहरोत्रा (संदिग्ध भूमिका)
धारा 409 (IPC) के तहत लोक सेवक या बैंककर्मी द्वारा अमानत में खयानत (आपराधिक विश्वासघात) का मुकदमा दर्ज।
जांच के मुख्य बिंदु और आरोपफंड का दुरुपयोग:
वर्ष 2010 से 2017 के बीच राज्य सरकार से मिले ₹30 करोड़ के अनुदान का नियमों के खिलाफ जाकर इस्तेमाल किया गया।
दस्तावेजों की हेराफेरी:
EOW की जांच के दौरान खर्चों से जुड़े कई महत्वपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड, मूल फाइलें और दस्तावेज गायब पाए गए या अधिकारियों द्वारा पेश नहीं किए गए।
प्रक्रियात्मक खामियां:
एजेंसियों के चयन, अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट्स) देने और बिना सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की अनुमति के मनमाने तरीके से भुगतान करने के गंभीर आरोप हैं।
कार्यवाही की समयरेखा10 दिसंबर 2025:
EOW ने अपनी अंतिम प्रगति आख्या (प्रोग्रेस रिपोर्ट) शासन को भेजी थी।
04 फरवरी 2026:
गृह (गोपन) अनुभाग के अनुसचिव ने EOW की संस्तुतियों को स्वीकार करते हुए कार्रवाई का आदेश दिया。
जुलाई 2026: जांच रिपोर्ट की समीक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की आपराधिक विवेचना तेज कर दी गई है।
कानपुर और भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा की गई थी | 2023 में इसका विलय हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) में कर दिया गया है और अब इसे 'स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट' (SEM) के नाम से जाना जाता है |




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