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वाराणसी: जीएसटी डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह: ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार

 उद्यमी से फरवरी 2023 के  रिटर्न को क्लियर करने और लंबित फाइल के निस्तारण के बदले रिश्वत मांगी थी
 शिकायतकर्ता की सूचना पर विजिलेंस टीम ने बुधवार शाम को जाल बिछाया। 
चेतगंज क्षेत्र के 'दादा रेस्टोरेंट' में  नोटों से भरा लिफाफा लिया, टीम ने उन्हें दबोच लिया।
कार्रवाई प्रशासनिक तंत्र में फैले भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत 
वाराणसी में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य कर (GST) सेक्टर-6 की डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रशासनिक तंत्र में फैले भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है।सेक्टर-6 की उपायुक्त अंबिका सिंह रंगे हाथ गिरफ्तार, नवंबर में होना था रिटायरमेंट
मामले और घटनाक्रम का मुख्य विवरण इस प्रकार है: मुख्य घटनाक्रम और कार्रवाई घूस मांगने की वजह: डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह ने भेलूपुर थाना क्षेत्र के ब्रजरडीहा निवासी एक उद्यमी यह कार्रवाई ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अजय कुमार मौर्य की गोपनीय शिकायत पर की गई।अजय मौर्य से उनके फरवरी 2023 के जीएसटी रिटर्न को क्लियर करने और लंबित फाइल के निस्तारण के बदले रिश्वत मांगी थी।
फाइल के निस्तारण के एवज में महिला अधिकारी ने 50 हजार रुपये की मोटी रकम मांगी थी। इससे आहत होकर निदेशक ने विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिसके बाद चेतगंज स्थित एक ढाबा रेस्टोरेंट के पास जाल बिछाकर चेतगंज थाने की पुलिस के सहयोग से आरोपी अधिकारी को घूस लेते हुए दबोच लिया गया।
 ट्रैप ऑपरेशन: शिकायतकर्ता की सूचना पर विजिलेंस टीम ने बुधवार शाम को जाल बिछाया। चेतगंज क्षेत्र के 'दादा रेस्टोरेंट' में जैसे ही अंबिका सिंह ने नोटों से भरा लिफाफा लिया, टीम ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी महिला अधिकारी ने शोर मचाकर बचने का प्रयास किया, लेकिन विजिलेंस और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के कारण उनकी एक न चली। मूल रूप से प्रयागराज की निवासी अंबिका सिंह के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान थाना, वाराणसी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विजिलेंस टीम द्वारा आरोपी के वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।प्रवीन कुमार यादव +2 भागने की कोशिश और हाथापाई: रंगे हाथों पकड़े जाने पर आरोपी अधिकारी ने भागने का प्रयास किया। उन्होंने सिविल ड्रेस में तैनात 4 महिला उप-निरीक्षकों (दारोगा) से हाथापाई भी की और राहगीरों से खुद को निर्दोष बताते हुए बचाने की गुहार लगाई, लेकिन टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
विधिक कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ वाराणसी के विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
आगामी जांच और हेल्पलाइन अन्य फाइलों की स्क्रूटनी: विजिलेंस विभाग अब अंबिका सिंह द्वारा पूर्व में स्वीकृत और निस्तारित की गई अन्य सभी सरकारी फाइलों की भी गहनता से जांच करेगा। जनता से अपील: विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो वे सीधे भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबरों 9454401866 या 9454401222 पर शिकायत दर्ज कराएं।
घटना: जीएसटी डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
एंटी-करप्शन टीम ने ट्रैप ऑपरेशन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया।
यह कार्रवाई प्रशासनिक तंत्र में फैले भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है।

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