निहत्थे छात्रों पर लाठियाँ बरसवाना वीरता नहीं, कायरता की निशानी
लोकतांत्रिक संवाद का साहस नहीं, आप कायर हैं।
सत्ता का मद चूर होगा, अन्याय एक दिन जरूर दूर होगा।
ऊषा रानी कोरी 50 मिनट
सत्ता की कुर्सी पर बैठे हुक्मरानों,
निहत्थे छात्रों पर लाठियाँ बरसवाना वीरता नहीं, कायरता की निशानी है।
यदि आपमें लोकतांत्रिक संवाद का साहस नहीं बचा है, आप कायर हैं।
तो लीजिये ये प्रतीकात्मक चूड़ियाँ स्वीकार कीजिए।
श्री नरेन्द्रमोदी जी अमितशाह
जी ये आपको आपकी संवैधानिक जिम्मेदारी, जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाने के लिए भेज रही हूँ।
शर्म करो
ऊषा रानी कोरी
ऊषा रानी कोरी 1 घंटा
कलम रुके न, कदम झुकें न,
चाहे जितने वार करो।
लोकतंत्र की आवाज़ दबे न,
चाहे कितना अत्याचार करो।
सत्ता का मद चूर होगा,
अन्याय एक दिन जरूर दूर होगा।
इंकलाब जिंदाबाद
कांग्रेस शेरनी
ऊषा रानी कोरी
पूर्व जिलाध्यक्ष -कानपुर नगर ग्रामीण कांग्रेस
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी : ऊषा रानी कोरी कांग्रेस शेरनी ऊषा रानी कोरी पूर्व जिलाध्यक्ष -कानपुर नगर ग्रामीण कांग्रेस पूर्व विधानसभा प्रत्याशी
ऊषा रानी कोरी उत्तर प्रदेश के कानपुर की एक सक्रिय और प्रमुख महिला राजनीतिज्ञ हैं, जिन्हें कांग्रेस पार्टी में उनके कड़े संघर्ष और जुझारू तेवर के कारण अक्सर समर्थक आदर से "कांग्रेस शेरनी" कहकर भी संबोधित करते हैं।
उनके राजनीतिक जीवन और परिचय से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
पूर्व जिलाध्यक्ष: उन्होंने कानपुर नगर ग्रामीण कांग्रेस के जिलाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक संगठन का नेतृत्व किया है और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी: कांग्रेस आलाकमान ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में उनकी निष्ठा और सक्रियता को देखते हुए उन्हें कानपुर ग्रामीण की सुरक्षित सीट बिल्हौर (Bilhaur) विधानसभा क्षेत्र से अपना आधिकारिक प्रत्याशी बनाया था।
लंबा राजनीतिक सफर: वह संगठन में विभिन्न पदों पर रहने के साथ-साथ पूर्व में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ चुकी हैं और क्षेत्र के स्थानीय व सामाजिक मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रही हैं।
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