करीब ₹1.5 करोड़ का गुजारा भत्ता मांगे जाने के बाद पति मानस बाजपेई बेहद परेशान
मानस अपनी मानसिक रूप से बीमार बहन तूलिका (शीबा) को छोड़ने को तैयार नहीं
एसबीआई में फील्ड ऑफिसर रहे मानस का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं
कोर्ट तारीख के बाद महज दो दिनों में दो 9mm पिस्टल और तमंचे सहित तीन हथियारों का इंतजाम
लखनऊ:25 अगस्त 2026
लखनऊ के गोमती नगर में हुए इस तिहरे हत्याकांड (ट्रिपल मर्डर और सुसाइड) में पुलिस जांच और मृतका की बहन (वरिष्ठ पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा) के दावों के बाद कई चौंकाने वाले नए खुलासे हुए हैं।
इस मामले से जुड़े मुख्य खुलासे और घटनाक्रम नीचे दिए गए हैं:
1. हत्या की मुख्य वजह और कोर्ट की तारीख₹1.5 करोड़ के गुजारा भत्ते (एलिमनी) की मांग: पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात से ठीक दो दिन पहले (18 अगस्त) फैमिली कोर्ट में दोनों के तलाक के मामले की सुनवाई थी। वहां दिव्या की तरफ से करीब ₹1.5 करोड़ का गुजारा भत्ता मांगे जाने के बाद पति मानस बाजपेई बेहद परेशान था।
बीमार बहन को साथ रखने का विवाद: मानस अपनी मानसिक रूप से बीमार बहन तूलिका (शीबा) को छोड़ने को तैयार नहीं था, जबकि दिव्या उसके साथ नहीं रहना चाहती थीं। इस तनाव के कारण मानस ने पत्नी और अपनी बहन दोनों को मारकर खुदकुशी करने का प्लान बनाया।
2. साजिश और रेकीतीन अवैध हथियारों का इंतजाम: एसबीआई (SBI) में फील्ड ऑफिसर रहे मानस का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। लेकिन कोर्ट की तारीख के बाद उसने महज दो दिनों में दो 9mm पिस्टल और एक तमंचे सहित तीन हथियारों का इंतजाम किया।
वकील की संदिग्ध भूमिका: पुलिस को शुरुआती जांच में सीतापुर के एक वकील की संलिप्तता का पता चला है, जिसने कथित तौर पर मानस को हथियारों के सप्लायर से मिलवाया था। [1]
पहले भी किया था पीछा: वारदात से दो दिन पहले भी मानस ने दिव्या का पीछा कर उसकी गाड़ी रुकवाने की कोशिश की थी। दिव्या ने अपने करीबियों से आशंका जताई थी कि मानस उसे जान से मार सकता है। [1]
3. वारदात के समय का खौफनाक मंजर (CCTV और ऑटो थ्योरी)बिना नंबर के ऑटो से पहुंचा: पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा द्वारा जारी किए गए सीसीटीवी फुटेज और दावों के मुताबिक, मानस कार चलाना नहीं जानता था। वह एक बिना नंबर के ऑटो से दिव्या के ऑफिस (ICICI बैंक) पहुंचा था और हत्या के बाद उसी ऑटो से भागा। पुलिस को शक है कि इस साजिश में ऑटो चालक या कोई अन्य बाहरी मददगार भी शामिल था।
बैंक के बाहर मारपीट और फायरिंग: सीसीटीवी में दिख रहा है कि बैंक के गेट पर मानस ने दिव्या को रोका और मारपीट की। जब बैंक के कर्मचारी और गार्ड उन्हें बचाने दौड़े, तो मानस ने दिव्या के चेहरे और सिर पर गोलियां दाग दीं।
4. हनुमान चालीसा और सुसाइड का खौफनाक अंत दिव्या की हत्या करने के बाद मानस सीधा अपने कमरे पर पहुंचा।
उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया और टीवी पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चला दी।
इसके बाद उसने अपनी बीमार बहन तूलिका के सिर में गोली मारी और फिर उसी असलहे से खुद को भी गोली मारकर जान दे दी।
खुदकुशी करने से ठीक पहले उसने व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाया था कि रिश्ते में 'धोखे' के कारण उसने यह कदम उठाया।
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