परिवार के 5 सांसदों के अलावा पार्टी में कई समर्पित मुस्लिम नेता और पक्के समाजवादी
सपा कभी अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ती और पूरी ईमानदारी से गठबंधन निभाती
कानपुर:23 अगस्त 2026
समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी में टूट और बगावत की सभी अटकलों को खारिज करते हुए 'परिवारवाद' का अनोखा बचाव किया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि कई राजनीतिक दलों में टूट देखने को मिली, लेकिन समाजवादी पार्टी इसलिए सुरक्षित रही क्योंकि एक ही परिवार से 5 सांसद मौजूद हैं।
अखिलेश यादव के बयान की मुख्य बातें:
अखिलेश यादव के बयान की मुख्य बातें:
परिवारवाद का फायदा: अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीति में हमेशा परिवारवाद के नुकसान गिनाए जाते हैं, लेकिन कभी-कभी इसके फायदे भी होते हैं। इसी एकजुटता के कारण सपा टूटने से बची रही।
ताकत कम न होने का तर्क: परिवार के 5 सांसदों के अलावा पार्टी में कई समर्पित मुस्लिम नेता और पक्के समाजवादी भी हैं, जिससे गिनती घटने या बगावत का कोई सवाल ही नहीं उठता।
गठबंधन पर सफाई: मायावती के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि सपा कभी अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ती और पूरी ईमानदारी से गठबंधन निभाती है।
परिवार के वो 5 सांसद कौन हैं? अखिलेश यादव ने जिन 5 पारिवारिक सांसदों का जिक्र किया, वे सभी 2024 के लोकसभा चुनाव में जीतकर आए हैं:
अखिलेश यादव खुद (कन्नौज से सांसद)
डिंपल यादव (मैनपुरी से सांसद - अखिलेश की पत्नी)
धर्मेंद्र यादव (आजमगढ़ से सांसद - अखिलेश के चचेरे भाई)
अक्षय यादव (फिरोजाबाद से सांसद - रामगोपाल यादव के बेटे)
आदित्य यादव (बदायूं से सांसद - शिवपाल यादव के बेटे)
गठबंधन पर सफाई: मायावती के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि सपा कभी अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ती और पूरी ईमानदारी से गठबंधन निभाती है।
परिवार के वो 5 सांसद कौन हैं? अखिलेश यादव ने जिन 5 पारिवारिक सांसदों का जिक्र किया, वे सभी 2024 के लोकसभा चुनाव में जीतकर आए हैं:
अखिलेश यादव खुद (कन्नौज से सांसद)
डिंपल यादव (मैनपुरी से सांसद - अखिलेश की पत्नी)
धर्मेंद्र यादव (आजमगढ़ से सांसद - अखिलेश के चचेरे भाई)
अक्षय यादव (फिरोजाबाद से सांसद - रामगोपाल यादव के बेटे)
आदित्य यादव (बदायूं से सांसद - शिवपाल यादव के बेटे)




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