देश की लड़कियों का आजाद होना जरूरी
पिता, पति और बेटे से भले ही रिश्ता हो, लेकिन महिलाओं की अपनी स्वतंत्र पहचान होनी चाहिए।
पुणे से पहले राहुल गांधी कोटा, देहरादून और प्रयागराज में भी इसी तरह के संवाद कर चुके हैं।
पुणे:22 अगस्त 2026
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 22 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत छात्राओं से सीधा संवाद किया। संवाद कार्यक्रम में मुख्य रूप से देश की शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसर, महिलाओं की सुरक्षा और भविष्य से जुड़े करियर के मुद्दों पर चर्चा की।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:छात्राओं पर ध्यान: इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से छात्राओं (महिला छात्रों) ने हिस्सा लिया और राहुल गांधी के साथ मंच साझा किया।
पहचान पर जोर: राहुल गांधी ने कहा कि देश की लड़कियों का आजाद होना जरूरी है। पिता, पति और बेटे से भले ही रिश्ता हो, लेकिन महिलाओं की अपनी स्वतंत्र पहचान होनी चाहिए।
राजनीति से दूरी: संवाद की शुरुआत में उन्होंने साफ किया कि वह राजनीति की बात करने नहीं आए हैं, बल्कि छात्राओं के विचार सुनने और उन पर चर्चा करने आए हैं।
प्रशासन की शर्तें और सुरक्षा:
30 शर्तें: पुणे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए 30 कड़ी शर्तें लागू की थीं।
विवाद और झड़प: कार्यक्रम से ठीक पहले (21 अगस्त की रात) पुणे के इंजीनियरिंग कॉलेज (COEP) हॉस्टल परिसर में NSUI और ABVP के छात्र गुटों के बीच झड़प भी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा:
कार्यक्रम कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' राष्ट्रव्यापी आउटरीच अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत देश के लगभग 800 शहरों में युवाओं से जुड़ने की योजना है। पुणे से पहले राहुल गांधी कोटा, देहरादून और प्रयागराज में भी छात्रों के साथ इसी तरह के संवाद कर चुके हैं।




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