उत्तर प्रदेश में इस बार भी 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उत्पादन
राज्य के पास वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध
उत्तर प्रदेश में चीनी की अनुमानित मासिक खपत केवल 4 लाख मीट्रिक टनकोई भी कारोबारी 30 दिन से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रख सकता।
एक बार में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले डीलरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगामी पेराई सत्र (2026-27) के लिए भी राज्य में 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित
आगामी पेराई सत्र (2026-27) के लिए भी राज्य में 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित
लखनऊ: 19 अगस्त 2026
कानपुर:19 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है और वे पूरे देश में चीनी की आपूर्ति करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद सरकार ने बढ़ती कीमतों और जमाखोरी पर कड़े कदम उठाए हैं।
मुख्य बिंदु और सरकारी आंकड़े:
कानपुर:19 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है और वे पूरे देश में चीनी की आपूर्ति करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद सरकार ने बढ़ती कीमतों और जमाखोरी पर कड़े कदम उठाए हैं।
मुख्य बिंदु और सरकारी आंकड़े:
उत्पादन और सरप्लस: उत्तर प्रदेश में इस बार भी 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उत्पादन हुआ है। राज्य के पास वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का मजबूत स्टॉक उपलब्ध है।
आपूर्ति की पेशकश: यूपी सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सूचित किया है कि राज्य के पास भारी मात्रा में सरप्लस चीनी है, जिससे वे पूरे देश में चीनी की सप्लाई करने के लिए तैयार हैं।
स्थानीय खपत: उत्तर प्रदेश में चीनी की अनुमानित मासिक खपत केवल 4 लाख मीट्रिक टन है। इस लिहाज से राज्य का स्टॉक घरेलू जरूरतों से कहीं ज्यादा है।
जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई: त्योहारों से पहले कृत्रिम कमी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी कारोबारी 30 दिन से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रख सकता। एक बार में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले डीलरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगामी सीजन: आगामी पेराई सत्र (2026-27) के लिए भी राज्य में 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है, जिससे दोबारा 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। जरूरत पड़ने पर चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से ही संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारी सीजन (जैसे रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और दिवाली) के दौरान चीनी के खुदरा दामों में आई हालिया तेजी (जो कुछ जगहों पर ₹65-70 प्रति किलो तक पहुंच गई थी) पर अंकुश लगाना है
आपूर्ति की पेशकश: यूपी सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सूचित किया है कि राज्य के पास भारी मात्रा में सरप्लस चीनी है, जिससे वे पूरे देश में चीनी की सप्लाई करने के लिए तैयार हैं।
स्थानीय खपत: उत्तर प्रदेश में चीनी की अनुमानित मासिक खपत केवल 4 लाख मीट्रिक टन है। इस लिहाज से राज्य का स्टॉक घरेलू जरूरतों से कहीं ज्यादा है।
जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई: त्योहारों से पहले कृत्रिम कमी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी कारोबारी 30 दिन से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रख सकता। एक बार में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले डीलरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगामी सीजन: आगामी पेराई सत्र (2026-27) के लिए भी राज्य में 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है, जिससे दोबारा 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। जरूरत पड़ने पर चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से ही संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारी सीजन (जैसे रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और दिवाली) के दौरान चीनी के खुदरा दामों में आई हालिया तेजी (जो कुछ जगहों पर ₹65-70 प्रति किलो तक पहुंच गई थी) पर अंकुश लगाना है




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