महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा दलबदल विरोधी कानून के तहत दायर की याचिका
सांसदों पर पार्टी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने का आरोप
बागी सांसदों का दावा है वे पार्टी के कुल सांसदों की संख्या का दो-तिहाई से अधिक
सांसदों पर पार्टी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने का आरोप
बागी सांसदों का दावा है वे पार्टी के कुल सांसदों की संख्या का दो-तिहाई से अधिक
लोकसभा में अलग समूह के रूप में मान्यता मांगी
लोकसभा सचिवालय द्वारा अभी उनके NCPI में विलय की समीक्षा की जा रही है।
मानसून सत्र के दौरान इन सांसदों के बैठने की अलग व्यवस्था की गई थी
मानसून सत्र के दौरान इन सांसदों के बैठने की अलग व्यवस्था की गई थी
कानपुर:25 अगस्त 2026
नई दिल्ली: 25 अगस्त 2026
इस मामले से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:कार्रवाई का कारण: यह नोटिस
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: अभिषेक बनर्जी ने इस मामले में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। शीर्ष अदालत के आदेश और इस मामले पर सुनवाई के बाद लोकसभा सचिवालय की तरफ से 25 अगस्त को यह आधिकारिक नोटिस जारी किया गया।
बागी सांसदों का दावा:
वर्तमान स्थिति: मानसून सत्र के दौरान इन सांसदों के बैठने की अलग व्यवस्था की गई थी। यदि ये सांसद 7 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो दलबदल विरोधी कानून के तहत इनकी संसदीय सदस्यता रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है।
नई दिल्ली: 25 अगस्त 2026
इस मामले से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:कार्रवाई का कारण: यह नोटिस
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: अभिषेक बनर्जी ने इस मामले में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। शीर्ष अदालत के आदेश और इस मामले पर सुनवाई के बाद लोकसभा सचिवालय की तरफ से 25 अगस्त को यह आधिकारिक नोटिस जारी किया गया।
बागी सांसदों का दावा:
वर्तमान स्थिति: मानसून सत्र के दौरान इन सांसदों के बैठने की अलग व्यवस्था की गई थी। यदि ये सांसद 7 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो दलबदल विरोधी कानून के तहत इनकी संसदीय सदस्यता रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है।




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