मानसिक स्वास्थ्य, तनाव और व्यवहार WHO द्वारा प्रमाणित टूल्स और स्टैंडर्ड स्केल्स का उपयोग
आज के युवाओं को "माता-पिता का साथ पसंद है या अकेलापन (तन्हाई)"।
सोशल मीडिया, रील और स्क्रीन टाइम से युवाओं के व्यवहार, एकाग्रता और डिप्रेशन का अध्ययन कानपुर:23 अगस्त 2026
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), कानपुर का मनोविज्ञान विभाग जेन जी (Gen Z) यानी आज के युवाओं की मानसिक स्थिति और उनकी सोच को समझने के लिए एक बड़ा रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है। इस अध्ययन के तहत विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों के 7,500 छात्रों पर मानसिकता अध्ययन किया जाएगा।
इस बड़े पैमाने पर होने वाले रिसर्च की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
रिसर्च का मुख्य उद्देश्य और टूल्सWHO टूल्स का उपयोग: छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव और व्यवहार का सटीक आकलन करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित टूल्स और स्टैंडर्ड स्केल्स का उपयोग किया जाएगा।
बदलते सामाजिक ताने-बाने पर फोकस: रिसर्च में यह जानने की कोशिश की जाएगी कि आज के युवाओं को "माता-पिता का साथ पसंद है या अकेलापन (तन्हाई)"।
डिजिटल इम्पैक्ट का आकलन: लगातार सोशल मीडिया, रील और स्क्रीन टाइम से युवाओं के व्यवहार, एकाग्रता और डिप्रेशन (अवसाद) पर पड़ रहे असर का अध्ययन होगा।
इन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित होगी रिसर्च पारिवारिक रिश्ते: बदलते दौर में माता-पिता और परिवार के साथ युवाओं के भावनात्मक जुड़ाव का स्तर क्या है।
मानसिक चुनौतियाँ: पढ़ाई का दबाव, करियर की चिंता, अकेलापन और पीयर प्रेशर (दोस्तों का दबाव) उन्हें किस हद तक प्रभावित कर रहा है।
सोशल मीडिया एडिक्शन: वर्चुअल दुनिया का वास्तविक जीवन के सामाजिक व्यवहार और मानसिक शांति पर क्या असर हो रहा है।
अध्ययन का फायदा:
काउंसलिंग गाइडलाइंस: रिसर्च से जो निष्कर्ष निकलेंगे, उनके आधार पर कॉलेज स्तर पर छात्रों के लिए विशेष काउंसलिंग और मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाएगा।
नीति निर्माण (Policy Making): यह डेटा आने वाले समय में युवाओं की मानसिक सुदृढ़ता के लिए नए पाठ्यक्रम और गतिविधियों को डिजाइन करने में मदद करेगा।




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